नोएडा गलत नोटिस विवाद: ‘डीएम कार्यालय का कोई लेना-देना नहीं’, कमिश्नरेट पुलिस की कार्रवाई पर प्रशासन ने स्थिति की साफ

ग्रेटर नोएडा / नोएडा: गौतमबुद्धनगर (ईकोटेक प्रथम) निवासी अक्षत त्रिपाठी को धरना-प्रदर्शन के संबंध में जारी किए गए प्रशासनिक नोटिस के मामले में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। लापरवाही सामने आने के बाद जारी किए गए नोटिस को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है, जबकि दोषी कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच और कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

क्या था पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्री विनोद कुमार त्रिपाठी के पुत्र अक्षत त्रिपाठी (हाल निवासी: ईकोटेक प्रथम, गौतमबुद्धनगर) को क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और धरना-प्रदर्शन को दृष्टिगत रखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126/135 के क्रम में धारा 130 के अंतर्गत एक नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस में उन्हें शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु बंध पत्र (Bond) निष्पादित करने का आदेश दिया गया था। यह नोटिस दिनांक 04 सितंबर 2026 को कार्यालय मजिस्ट्रेट तृतीय द्वारा निर्गत किया गया था।

उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आते ही नोटिस निरस्त जैसे ही यह प्रकरण शासन और उच्चाधिकारियों के ध्यान में आया, इसमें बरती गई गंभीर त्रुटि उजागर हुई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारियों ने त्वरित संज्ञान लिया और अगले ही दिन, यानी 05 सितंबर 2026 को इस त्रुटिपूर्ण नोटिस को रद्द (निरस्त) कर दिया।

लापरवाह कर्मियों पर विभागीय गाज बिना तथ्य जांचे गलत नोटिस जारी करने को अधिकारियों ने गंभीर लापरवाही माना है। इस संबंध में संबंधित कर्मियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही पूर्व में ही संस्थित (प्रारंभ) कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी कार्यालय का प्रकरण से संबंध नहीं प्रकरण को लेकर उठ रहे सवालों के बीच प्रशासनिक व्यवस्था को स्पष्ट किया गया है। गौतमबुद्धनगर जिले में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली (Police Commissionerate System) लागू है। इस व्यवस्था के तहत कार्यपालक मजिस्ट्रेट की शक्तियां पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों/मजिस्ट्रेटों में निहित होती हैं। इसलिए, प्रश्नगत नोटिस ‘कार्यालय मजिस्ट्रेट तृतीय, गौतमबुद्धनगर’ से जारी हुआ था। इस पूरे मामले से जिलाधिकारी (DM) गौतमबुद्धनगर या उनके कार्यालय का कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि भविष्य में किसी नागरिक को प्रक्रियात्मक त्रुटि के कारण असुविधा न हो।

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