NEET-UG 2026 रद्द, राजस्थान में ‘गेस पेपर’ लीक का आरोप, CBI जांच शुरू, जल्द दोबारा परीक्षा

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 मात्र 9 दिनों में धराशायी हो गई। 3 मई को आयोजित परीक्षा को 12 मई को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने सरकारी मंजूरी के साथ रद्द कर दिया। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की जांच में एक ‘गेस पेपर’ या प्रश्न बैंक सामने आया, जिसमें परीक्षा के सैकड़ों प्रश्नों से ’ striking similarity’ पाई गई। केंद्र सरकार ने मामले की CBI जांच का आदेश दे दिया है।

घटनाक्रम का पूरा टाइमलाइन

3 मई 2026: NEET-UG परीक्षा देशभर में (551 शहरों में) और विदेश के 14 शहरों में आयोजित। करीब 22.79 लाख छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। परीक्षा पेन-पेपर मोड में दोपहर 2 से 5 बजे तक चली।

7 मई: NTA को कथित अनियमितताओं (malpractice) की सूचना मिली।

8 मई: NTA ने केंद्रीय एजेंसियों को सूचना भेजी और स्वतंत्र जांच शुरू की।

9-11 मई: राजस्थान SOG ने सक्रियता दिखाई। सिकर और जयपुर समेत विभिन्न जगहों पर छापेमारी। एक हैंडरिटन ‘गेस पेपर’ (लगभग 410 प्रश्नों वाला) बरामद, जिसमें बायोलॉजी और केमिस्ट्री के 100-140 प्रश्न (कुछ रिपोर्ट्स में 135 तक) असली पेपर से मैच करते पाए गए। यह सामग्री परीक्षा से 15 दिन से एक महीने पहले सिकर जैसे कोचिंग हब में पहुंच चुकी थी और छात्रों को 20 हजार से 2 लाख रुपये तक में बेची गई। 12 मई: NTA ने परीक्षा रद्द करने की घोषणा की। CBI जांच का आदेश। SOG ने 20 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया/पूछताछ के लिए बुलाया, हालांकि अभी तक कोई FIR या गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कुछ रिपोर्ट्स में जयपुर को पेपर प्रिंटिंग का संभावित केंद्र बताया गया है।

NTA और सरकार की प्रतिक्रिया

NTA के प्रेस रिलीज में कहा गया कि परीक्षा की अखंडता सुनिश्चित करने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया। पुनः परीक्षा (Re-NEET) जल्द आयोजित की जाएगी, नई तारीखें अलग से घोषित होंगी। मौजूदा रजिस्ट्रेशन मान्य रहेंगे, कोई नया फॉर्म नहीं भरना पड़ेगा। फीस पहले की तरह ही मान्य रहेगी या रिफंड का प्रावधान होगा। केंद्रीय एजेंसियों ने प्रारंभिक जांच में पाया कि सामग्री टेलीग्राम ग्रुप्स और लोकल नेटवर्क के जरिए फैलाई गई। NTA ने दावा किया कि परीक्षा के दौरान GPS ट्रैकिंग, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और AI CCTV जैसी सख्त सुरक्षा व्यवस्था थी, लेकिन पोस्ट-एग्जाम इनपुट्स ने संदेह पैदा किया।

छात्रों और विपक्ष की प्रतिक्रिया

22 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य पर असर पड़ा है। कोचिंग सेंटर्स और अभिभावक आक्रोशित हैं। राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने NTA और सरकार पर निशाना साधा, इसे सिस्टेमेटिक फेलियर बताया। छात्रों में मांग है कि पुनः परीक्षा जल्द हो और सुरक्षा पुख्ता की जाए।

आगे क्या?

CBI पूर्ण जांच करेगी, जिसमें मल्टी-स्टेट नेटवर्क, कोचिंग माफिया और संभावित अंदरूनी मिलीभगत शामिल हो सकती है। NTA नई तारीखों की घोषणा करेगा। पिछले वर्षों के अनुभव को देखते हुए प्रक्रिया में और सुधार की उम्मीद।

छात्रों को सलाह: आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर अपडेट चेक करें, अफवाहों से बचें। यह घटना NEET की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है। 2024 के पेपर लीक विवाद के बाद सुरक्षा दावों के बावजूद दोबारा संकट उभरा है। सरकार और NTA को अब छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। पूरी प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।

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