मुंबई में मानसून की दमदार दस्तक, कई इलाकों में भारी जलभराव; अंधेरी सबवे डूबा, IMD का अलर्ट जारी

बीती रात से शुरू हुई लगातार और तेज बारिश के कारण मुंबई शहर के कई हिस्सों में भारी जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है, जिससे आम जनजीवन और यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को मुंबई और उत्तर कोंकण के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आधिकारिक आगमन की घोषणा की थी, और इसके सक्रिय होते ही शहर में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का सिलसिला शुरू हो गया है।

गौरतलब है कि इस वर्ष मानसून ने मुंबई में सामान्य तिथि 11 जून के मुकाबले लगभग 12 दिन की देरी से प्रवेश किया, जिससे शहर पहले से ही पानी की किल्लत से जूझ रहा था। लेकिन मानसून सक्रिय होने के बाद से बारिश की रफ्तार तेजी से बढ़ी है। अंधेरी सबवे में पानी भरने से कुछ समय के लिए ट्रैफिक रोकना पड़ा, जबकि बांद्रा, सायन, मलाड, कांदिवली, दहिसर, पवई, विक्रोली और घाटकोपर जैसे प्रमुख उपनगरीय इलाकों में भी सड़कों पर पानी भर गया। तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ और शाखाएं गिरने की शिकायतें भी आपदा प्रबंधन कक्ष को मिली हैं।

मुंबई पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने निचले इलाकों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए पंपिंग मशीनें सक्रिय कर दी हैं, और ट्रैफिक पुलिस को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। IMD ने मुंबई और निकटवर्ती तटीय क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि रायगढ़ ज़िले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक 25 जून से 1 जुलाई के बीच मुंबई समेत पूरे कोंकण तट पर भारी से अतिभारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार मानसून में देरी के बावजूद आने वाले दिनों में लगातार बारिश से शहर को जलापूर्ति करने वाले जलाशयों के जलस्तर में सुधार की उम्मीद है, जो इस साल बेहद निचले स्तर पर पहुंच गए थे। हालांकि, फिलहाल तेज बारिश के बीच निचले इलाकों में पानी निकासी और यातायात सामान्य करने को प्रशासन की प्राथमिकता बनी हुई है।

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