मोदी की यूरोपीय कूटनीति: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में रोम पहुंचे, जहां इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। कार राइड, डिनर और कोलोसियम पर सेल्फी जैसी अनौपचारिक मुलाकातों ने दोनों नेताओं के बीच ‘मेलोडी’ रसायन को एक बार फिर उजागर किया। इसी दौरान नॉर्वे में एक समाचार पत्र द्वारा मोदी को सांप का जादूगर दिखाने वाले रेसिस्ट कार्टून ने विवाद खड़ा कर दिया, जबकि अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों पर नई रिपोर्ट्स और ट्रंप से संभावित मुलाकात की चर्चाएं वैश्विक कूटनीति की जटिलताओं को रेखांकित कर रही हैं।
प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को रोम पहुंचे। मेलोनी ने कोलोसियम पर उनके साथ सेल्फी साझा करते हुए लिखा, “रोम में स्वागत है, मेरे दोस्त।” मोदी ने भी सोशल मीडिया पर डिनर, कार राइड और चर्चाओं की तस्वीरें पोस्ट कीं। बुधवार को विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें IMEC (भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा), 2025-2029 के संयुक्त रणनीतिक एक्शन प्लान की समीक्षा, व्यापार, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और प्रौद्योगिकी सहयोग पर जोर दिया गया। दोनों देश संबंधों को ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मोदी इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मट्टारेला से भी मिले और FAO मुख्यालय जाकर वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। यह यात्रा मोदी की पहली द्विपक्षीय इटली यात्रा है (पिछले G7 और G20 के बाद)। यूरोपीय देश भारत को चीन और रूस पर निर्भरता कम करने के लिए महत्वपूर्ण साझेदार मान रहे हैं।
नॉर्वे में विवाद
मोदी की यात्रा के दौरान नॉर्वे के प्रमुख अखबार Aftenposten ने एक कार्टून प्रकाशित किया, जिसमें प्रधानमंत्री को सांप का जादूगर दिखाया गया। यह एक ईंधन पाइप को सांप की शक्ल देकर छेड़ते हुए था, साथ में लेख शीर्षक “एक चतुर और थोड़ा परेशान करने वाला आदमी”। सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश है। कई यूजर्स ने इसे औपनिवेशिक युग के स्टीरियोटाइप (भारत=सांप नचाने वाले) का उदाहरण बताया।यह विवाद तब और बढ़ा जब नॉर्वे के प्रधानमंत्री के साथ प्रेस ब्रिफिंग में एक पत्रकार ने मोदी से प्रेस फ्रीडम और मानवाधिकार पर सवाल पूछा। MEA ने इसे “अज्ञानी NGOs” पर आधारित बताया और भारत की लोकतांत्रिक मजबूती पर जोर दिया।
पाकिस्तान में अमेरिकी ‘चेसबोर्ड’
दूसरी ओर, पाकिस्तान में अमेरिका की भूमिका पर नई रिपोर्ट्स सामने आई हैं। Drop Site News की रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान को हटाने और आर्मी चीफ आसिम मुनीर को मजबूत करने में अमेरिका की रणनीतिक भूमिका रही। 2022 के साइफर केस, इमरान की “Absolutely Not” नीति और रूस यात्रा को लेकर तनाव का जिक्र करते हुए रिपोर्ट में मुनीर को ‘पॉन’ बताया गया है। मुनीर अब फील्ड मार्शल और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्स बन चुके हैं, जिससे पाकिस्तान में सैन्य-राजनीतिक संतुलन अमेरिकी हितों के अनुकूल दिखता है खासकर मध्य पूर्व (ईरान) संकट के बीच।
मोदी-ट्रंप मुलाकात की उम्मीद
जून में फ्रांस के G7 समिट (15-17 जून, Évian-les-Bains) में मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात संभव है। दोनों के बीच व्यापार तनाव (टैरिफ, रूसी तेल खरीद) के बावजूद पिछले साल व्हाइट हाउस मुलाकात सकारात्मक रही थी। ट्रंप ने G7 में शामिल होने की पुष्टि की है। कोई पॉप-अप मीटिंग व्यापार, रक्षा और मध्य पूर्व पर चर्चा का मौका दे सकती है। मोदी की यूरोपीय यात्रा भारत की स्वतंत्र विदेश नीति, आर्थिक साझेदारियों और सांस्कृतिक आत्मविश्वास को दर्शाती है। नॉर्वे का कार्टून पुरानी मानसिकता को उजागर करता है, जबकि पाकिस्तान-अमेरिका गतिविधियां और ट्रंप फैक्टर वैश्विक शक्ति संतुलन की याद दिलाते हैं। भारत इन चुनौतियों के बीच IMEC जैसे प्रोजेक्ट्स और बहुपक्षीय मंचों से अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है। यह खबर विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप मोदी की सक्रिय कूटनीति का प्रतीक माना जा रहा है।

