यूपी में नशे के कारोबार पर बैन की मांग, समाजसेवी ने सीएम योगी को लिखा पत्र

लखनऊ/उत्तर प्रदेश। प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार और पब-बार संस्कृति को लेकर एक समाजसेवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सख्त कार्रवाई की मांग की है। समाजसेवी मनीष गुप्ता ने अपने बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और पारिवारिक मूल्यों को बचाए रखने के लिए नशे के कारोबार पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।

क्या है आरोप

गुप्ता ने अपने बयान में दावा किया कि प्रदेश में खुले पब, बार और शराब की दुकानों के साथ-साथ होटलों में ऐसी गतिविधियां हो रही हैं, जिनका सीधा असर पारिवारिक ढांचे पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ निजी व सरकारी संस्थानों के अधिकारी होटल और पब में पार्टियों का आयोजन कर स्टाफ को शामिल करते हैं, और बाद में तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हैं। (स्पष्ट करना जरूरी है कि यह आरोप अप्रमाणित है और किसी विशिष्ट व्यक्ति, संस्था या घटना का नाम नहीं लिया गया है।) गुप्ता के अनुसार, इस तरह की गतिविधियों से पति-पत्नी के रिश्तों और पारिवारिक ढांचे पर नकारात्मक असर पड़ रहा है, जिससे युवा पीढ़ी अपनों से दूर होती जा रही है।

दोषियों पर कार्रवाई की मांग

समाजसेवी ने मांग की कि जो व्यक्ति या संस्था इस तरह के आयोजन करवाते हैं और जिनके नाम पर बुकिंग होती है, उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और संबंधित अधिकारियों को नौकरी से बर्खास्त किया जाना चाहिए।

नशा मुक्ति अभियानों पर भी उठाए सवाल

गुप्ता ने सरकार और कुछ संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति जागरूकता अभियानों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि सिर्फ स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि नशे के कारोबार पर सीधे प्रतिबंध लगाना जरूरी है।

सीएम योगी से सीधी अपील

बयान के अंत में गुप्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधी अपील करते हुए कहा कि पहले उत्तर प्रदेश और फिर पूरे देश में नशे के कारोबार पर बैन लगाया जाए, ताकि परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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