हूतियों का यमन के राष्ट्रपति भवन पर मिसाइल हमला, सुरक्षाकर्मियों की मौत; मक्का में दो बांग्लादेशियों को फांसी

अदन/रियाद। यमन में ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने गुरुवार को दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन स्थित अल-माशिक राष्ट्रपति भवन पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह हमला उस सरकार पर किया गया, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त और सऊदी अरब के समर्थन वाली मानी जाती है। हमले में सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई, जबकि कई लोग घायल बताए गए हैं।

क्या हुआ अदन में?

गवाहों के अनुसार राष्ट्रपति भवन परिसर के आसपास कम से कम छह विस्फोट हुए। यमनी सूचना मंत्री मोअम्मर अल-एरियानी ने बताया कि हूतियों ने पाँच बैलिस्टिक मिसाइलें अल-माशिक पैलेस पर दागीं। शुरुआती रिपोर्ट्स में दो सुरक्षाकर्मियों की मौत की पुष्टि हुई है, हालांकि कुछ शुरुआती खबरों में चार मौतों का जिक्र था; आधिकारिक स्तर पर अभी मरने वालों की संख्या स्पष्ट नहीं है।

सरकार के अनुसार प्रधानमंत्री शाया अल-जिंदानी और मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य इस हमले में सुरक्षित रहे। हूती-समर्थित मीडिया ने दावा किया कि निशाना अदन में सऊदी अधिकारियों की देखरेख वाले सैन्य ऑपरेशन केंद्र और हथियार भंडार पर था।

सऊदी अरब पर भी हमले

यह हमला तब हुआ है जब हूती विद्रोही पिछले कई दिनों से सऊदी अरब के विभिन्न हिस्सों में मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहे हैं। सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग ने बताया कि रियाद में दो अवरोधित हूती क्रूज मिसाइलों के मलबे गिरने से चार लोग घायल हुए और 15 घर क्षतिग्रस्त हुए।

सऊदी अरब यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन कर रहा है और सरकार-समर्थक बलों के अभियान में हवाई सहायता भी दे रहा है। हूतियों ने अपने हमलों को सऊदी समर्थन के जवाब और “सऊदी सैन्य ठिकानों” को निशाना बनाने की नीति का हिस्सा बताया है।

मक्का में दो बांग्लादेशियों का सिर कलम

दूसरी ओर, सऊदी अरब ने मक्का की एक मस्जिद के भीतर “अनैतिक कृत्य” के आरोप में दोषसिद्ध दो बांग्लादेशी नागरिकों—नजरुल इस्लाम अब्दुल बसीर और सिती अख्तर—की मृत्युदंड 14 अक्टूबर को कार्यान्वित की। सऊदी गृह मंत्रालय ने कहा कि अदालत ने अपराध की गंभीरता और मस्जिद की पवित्रता के उल्लंघन को देखते हुए इस्लामी कानून के तहत तआज़िर—विवेकाधीन दंड—के रूप में मृत्युदंड सुनाया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ढाका के दूतावास या कॉन्सुलेट को फांसी से पहले सूचित नहीं किया गया, जिससे बांग्लादेश में इस मामले को लेकर चिंता और राजनयिक सवाल उठ सकते हैं।

बिगड़ता क्षेत्रीय संकट

अदन पर हमले के बाद यमन में गृहयुद्ध के फिर से तेज होने की आशंका गहरी गई है। हूतियों के सऊदी ठिकानों पर हमले और सऊदी-समर्थित बलों की कार्रवाइयों के बीच तनाव बढ़ने से खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा और ऊर्जा ढांचे को खतरा बढ़ सकता है।

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