नोएडा। गौतमबुद्ध नगर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में मात्र 24 घंटे के भीतर तीन लोगों ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतकों में एक निजी कंपनी में कार्यरत सुरक्षाकर्मी, एक फूड डिलीवरी कर्मचारी और नौकरी के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही 19 वर्षीय छात्रा शामिल हैं। तीनों मामलों में पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामलों की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, तीनों घटनाएं अलग-अलग परिस्थितियों में हुईं, लेकिन शुरुआती जानकारी में मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद और अवसाद की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने छात्रा का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर आत्महत्या के कारणों का पता लगाना शुरू कर दिया है।
सेक्टर-126: अवसाद से ग्रस्त सुरक्षाकर्मी की मौत
थाना सेक्टर-126 क्षेत्र के शाहपुर गढ़ी गांव में मंगलवार रात 24 वर्षीय शिवम ने अपने किराए के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। शिवम शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद कस्बे के शांतिनगर निवासी थे और सेक्टर-128 स्थित एक निजी कंपनी में सुरक्षाकर्मी के रूप में कार्यरत थे।
बुधवार सुबह जब वह ड्यूटी पर नहीं पहुंचे, तो कंपनी के सहकर्मी उनके कमरे तक पहुंचे। खिड़की से देखने पर शिवम का शव पंखे से लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि शिवम पिछले तीन साल से माता-पिता से अलग रह रहे थे और उनसे संपर्क नहीं करते थे। पुलिस को शुरुआती जांच में अवसाद की आशंका है।
सेक्टर-113: पैसों को लेकर विवाद के बाद डिलीवरी कर्मचारी की मौत
थाना सेक्टर-113 क्षेत्र के सर्फाबाद गांव में बुधवार को 26 वर्षीय धर्मेंद्र कुमार ने कथित तौर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह कासगंज जिले के मानपुर नगरिया गांव के निवासी थे और एक फूड डिलीवरी कंपनी में काम करते थे। वे पत्नी के साथ आइसक्रीम फैक्ट्री के पास किराए के कमरे में रहते थे।
पुलिस के मुताबिक, बुधवार सुबह पत्नी ने घरेलू खर्च के लिए पैसे मांगे, जिस पर धर्मेंद्र ने कुछ दिन बाद देने की बात कही। इससे दोनों के बीच विवाद हो गया। पत्नी पास में आयोजित माता की चौकी के कार्यक्रम में चली गईं। इसी दौरान धर्मेंद्र ने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। घर लौटने पर पत्नी ने उन्हें फंदे पर लटका देखा और शोर मचाया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
सेक्टर-39: परीक्षा की तैयारी कर रही 19 वर्षीय छात्रा ने दी जान
थाना सेक्टर-39 क्षेत्र के सलारपुर गांव की भूड़ा कॉलोनी में रहने वाली 19 वर्षीय प्रियांशी ने मंगलवार शाम अपने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह मूल रूप से कन्नौज जिले के गुमटिया गांव की रहने वाली थीं और अपने भाई अंकित के साथ किराए के कमरे में रहती थीं। वह नौकरी के साथ बीसीए की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रही थीं।
पुलिस के अनुसार, कंपनी से कमरे पर लौटने के बाद उसने यह कदम उठाया। कुछ देर बाद भाई के पहुंचने पर दरवाजा अंदर से बंद मिला। खिड़की से झांकने पर उसे बहन का शव फंदे पर लटका दिखा। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। शुरुआती जांच में पुलिस पढ़ाई और परीक्षा के दबाव से तनाव की आशंका जता रही है।
अलग घटना: बादलपुर में ट्रेन की चपेट में आकर युवक की मौत
इन तीन आत्महत्याओं के अलावा, थाना बादलपुर क्षेत्र में 20 वर्षीय अमर शाह, मूल निवासी बदायूं, की चलती ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घटना की जांच कर रही है।
पुलिस की जांच और बढ़ती चिंता
तीनों मामलों में पुलिस ने पंचनामा भरकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। अधिकारियों के अनुसार, सुसाइड नोट न मिलने से सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। पुलिस परिजनों, सहकर्मियों और मोबाइल रिकॉर्ड की जांच कर यह पता लगा रही है कि मृतकों को किस तरह का तनाव था।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि नौकरी का दबाव, आर्थिक तंगी, पारिवारिक दूरी और प्रतियोगी परीक्षाओं की चिंता जैसी स्थितियों में समय रहते परिवार, दोस्तों या काउंसलर से बात करना बेहद जरूरी है। ऐसी घटनाओं के बाद अकेलेपन और तनाव को हल्के में न लेने की सलाह दी जाती है। यदि आप या आपका कोई जानकार तनाव, अवसाद या आत्महत्या के विचार से गुजर रहा है, तो भारत सरकार की राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन टेली-मानस: 14416 या किरण हेल्पलाइन: 1800-599-0019 पर तुरंत संपर्क करें।
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