राज्यसभा में बड़ा उलटफेर: आम आदमी पार्टी (AAP) को राज्यसभा में करारा झटका लगा है। पार्टी के प्रमुख नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने संदीप पाठक व अशोक मित्तल के साथ मिलकर AAP से इस्तीफा दे दिया और भाजपा (BJP) में शामिल होने का ऐलान कर दिया। चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि AAP के राज्यसभा के 10 में से 2/3 सदस्य (यानी 7 सांसद) इसी तरह BJP में विलय कर रहे हैं।
नई दिल्ली में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने कहा, “हमने निर्णय लिया है कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सदस्य भारत के संविधान के प्रावधानों का उपयोग करते हुए भाजपा में शामिल होंगे।” उन्होंने अपनी पूर्व पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, “मेरी अपनी पार्टी ने मुझे चुप करा दिया था।” चड्ढा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ भी की और BJP की नीतियों को देशहित में बताया। रिपोर्ट्स के अनुसार, चड्ढा समेत तीन राज्यसभा सांसदों ने औपचारिक रूप से AAP छोड़ दी है। चड्ढा ने AAP से इस्तीफा दे दिया है और BJP जॉइन कर ली है। इन सांसदों का यह कदम राज्यसभा में AAP की ताकत को कमजोर कर सकता है, जहां पार्टी के पास मूल रूप से 10 सदस्य थे।
AAP का पलटवार: ‘ऑपरेशन लोटस’ से BJP कर रही पार्टियों का बंटाधार
AAP ने इस घटनाक्रम को BJP का ‘ऑपरेशन लोटस’ करार दिया है। पार्टी नेतृत्व ने आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता के लालच में विपक्षी दलों को तोड़ रही है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, AAP ने कहा, “BJP का ऑपरेशन लोटस पार्टियों को बांट रहा है। 7 में से 10 राज्यसभा सांसदों का जाना इसका सबूत है।” AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल या अन्य नेताओं की ओर से अभी कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है, लेकिन पार्टी कार्यालयों में हड़कंप मच गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विलय राज्यसभा में BJP की संख्या बढ़ाने का प्रयास हो सकता है, खासकर आगामी सत्रों को देखते हुए। चड्ढा, जो AAP के युवा चेहरे और वकील पृष्ठभूमि के नेता हैं, पहले पंजाब से राज्यसभा सदस्य चुने गए थे। उनका BJP में जाना AAP के लिए रणनीतिक नुकसान है। क्या और सांसद कतार में हैं, यह तो समय बताएगा, लेकिन दिल्ली की राजनीति में यह नया मोड़ बहुचर्चित हो चुका है।

