Major setback for Shekhar Suman: ED ने बिजनेस पार्टनर धर्मेश संगानी के ठिकानों पर छापेमारी की, FEMA उल्लंघन का मामला

ED की बड़ी कार्रवाई, शेखर सुमन के सहयोगी पर छापा

Major setback for Shekhar Suman: मुंबई में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 9 जुलाई 2026 को फिल्म प्रोड्यूसर और बिजनेसमैन धर्मेश नरेंद्र संगानी तथा उनकी कंपनी कलानी इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड (Kalanee Impex Pvt Ltd) के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के कथित उल्लंघनों की जांच के तहत हुई है। संगानी अभिनेता-व्यंग्यकार शेखर सुमन के लोकप्रिय शो ‘शेखर टुनाइट’ के प्रोड्यूसर और शेखर सुमन फिल्म अकैडमी (SSFA) के को-फाउंडर हैं, जिससे यह घटना मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय बन गई है। ED अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी के दौरान संगानी की कंपनी और अन्य परिसरों से अघोषित विदेशी संपत्तियों, कनाडा, अमेरिका (USA) और यूएई (UAE) में छिपे बैंक खातों, गुप्त विदेशी कंपनियों और संदिग्ध क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजेक्शन्स के सबूत मिले। जांच में पाया गया कि अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से निर्यात के बदले प्राप्त करोड़ों रुपये भारत वापस नहीं लाए गए, जो FEMA नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। ED ने इन लेन-देनों में एक्सटेंशन भी नहीं लेने का आरोप लगाया है।

छापे के दौरान ड्रामा: फोन फेंकने की कोशिश

छापेमारी के दौरान सबसे विवादास्पद घटना तब हुई जब धर्मेश संगानी ने कथित तौर पर अपने मोबाइल फोन को इमारत की 13वीं मंजिल से बाहर फेंक दिया, जिसे डिजिटल सबूत मिटाने की कोशिश माना जा रहा है। ED अधिकारियों ने फोन को बरामद कर लिया और मुंबई पुलिस में सबूत नष्ट करने का मामला दर्ज कराया गया  है।

संगानी का विवादित इतिहास

धर्मेश संगानी विवादों से अजनबी नहीं हैं। वर्ष 2016 में यूके बॉर्डर फोर्स ने उन्हें हीथ्रो एयरपोर्ट पर 7.4 किलोग्राम सोने के आभूषणों की कम कीमत बताकर (अंडर-डिक्लेरेशन) लाने के आरोप में पकड़ा था। इसके अलावा, US और UK कस्टम्स अथॉरिटीज भी उनके कुछ ट्रांजेक्शन्स की जांच कर रही हैं। वे GBM Studios और अन्य बिजनेस वेंचर्स से भी जुड़े रहे हैं।

शेखर सुमन और राजनीतिक बहस

यह छापेमारी इसलिए ज्यादा चर्चित हो रही है क्योंकि शेखर सुमन हाल ही में अपने YouTube शो ‘शेखर टुनाइट’ में केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखी व्यंग्यात्मक टिप्पणियां कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इसे शो से जोड़कर देख रहे हैं और अटकलें लगा रहे हैं कि क्या यह स्वतंत्र आवाजों पर दबाव बनाने की कोशिश है। हालांकि, ED ने स्पष्ट किया है कि जांच केवल संगानी और उनकी कंपनी तक सीमित है और शेखर सुमन का नाम आरोपी के रूप में शामिल नहीं है। पत्रकार आकाश बनर्जी और शेखर सुमन के स्क्रिप्ट राइटर राजीव निगम सहित कई लोगों ने चिंता जताई है कि ऐसे मामलों से स्वतंत्र मीडिया और कलाकारों को समर्थन देने वालों पर असर पड़ सकता है।

निष्कर्ष और आगे की जांच

ED की यह कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं की जांच का हिस्सा बताई जा रही है। जांच जारी है और आगे की डेवलपमेंट्स का इंतजार है। इस घटना ने मनोरंजन उद्योग और पत्रकारिता जगत में बहस छेड़ दी है कि क्या आर्थिक जांचों का इस्तेमाल अन्य उद्देश्यों के लिए भी किया जा सकता है। यह रिपोर्ट उपलब्ध सार्वजनिक सूत्रों और ED से संबंधित खबरों पर आधारित है। सभी आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं और कानूनी प्रक्रिया जारी है।

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