Bulldozer action in Noida Sector 151: नोएडा अथॉरिटी ने यमुना और हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ गुरुवार (30 जुलाई 2026) को सख्त कार्रवाई शुरू कर दी। सेक्टर 151 क्षेत्र के कोंडली बांगर गांव में अथॉरिटी के बुलडोजर ने सात आलीशान फार्म हाउसों को जमींदोज कर दिया। इस कार्रवाई में करीब 10,000 वर्गमीटर जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई गई।
अथॉरिटी के अनुसार, पिछले महीने सीईओ ने डूब क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर एक्शन की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए सभी सर्किल अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि अवैध निर्माणों को चिन्हित कर तुरंत कार्रवाई करें। इन आदेशों के बाद वर्क सर्किल-10 के तहत गुरुवार को पहली बड़ी कार्रवाई हुई। पुलिस बल की मौजूदगी में टीम मौके पर पहुंची और भव्य फार्म हाउसों पर बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया। आसपास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए, लेकिन पुलिस ने उन्हें दूर रखा। पूरे एक्शन के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। कोंडली बांगर के अलावा ग्राम झट्टा के खसरा संख्या 456 पर भी कार्रवाई हुई। यहां अधिसूचित जमीन पर दोबारा चिनाई कर अवैध प्लाटिंग और निर्माण शुरू किया गया था। अथॉरिटी टीम ने पुलिस के साथ पहुंचकर इसे ध्वस्त कर दिया। इस जमीन का क्षेत्रफल करीब 22,670 वर्ग मीटर बताया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है और आगे भी एक्शन जारी रहेगा। इसी दिन सेक्टर-14ए में यमुना पुस्ता मार्ग पर श्री सिद्ध पीठ शनि मंदिर के पास भी अवैध झुग्गियों को हटाने की कार्रवाई हुई। सार्वजनिक संपत्ति पर हुए निर्माण हटाए गए।
पृष्ठभूमि और प्रशासनिक रुख
यमुना और हिंडन के डूब क्षेत्र में फार्म हाउस, रिसॉर्ट और पक्के निर्माण लंबे समय से विवाद का विषय रहे हैं। ये निर्माण जल प्रवाह में बाधा पैदा करते हैं और बाढ़ के खतरे को बढ़ाते हैं। जून 2026 में अथॉरिटी ने 20 जून तक अवैध पक्के निर्माण हटाने के निर्देश दिए थे और अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि लापरवाही पर कार्रवाई होगी। कई क्षेत्रों में नोटिस भी जारी किए गए थे। गुरुवार का एक्शन उसी सख्ती का नतीजा माना जा रहा है।
प्रतिक्रियाएं
सामाजिक मीडिया पर इस कार्रवाई की खबर तेजी से फैली। कई यूजर्स ने वीडियो शेयर करते हुए अथॉरिटी के कदम का स्वागत किया और कहा कि डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण रोकना जरूरी है। कुछ स्थानीय आवाजें पहले से किसानों और स्थानीय लोगों की परेशानी का जिक्र करती रही हैं, जहां भू-माफिया और अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप लगते रहे हैं। प्रशासन का रुख स्पष्ट है कि अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और अभियान जारी रहेगा। अथॉरिटी अधिकारियों ने कहा कि सर्किल स्तर पर चिन्हित सभी अवैध निर्माणों पर चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी। पर्यावरण संरक्षण और नदियों के अस्तित्व को बचाने के लिए यह जरूरी है।

