वीज़ा विवाद, राजनीतिक तनाव और टिकट संकट ने ईरानी टीम की भागीदारी पर गहरे सवाल खड़े किए
फीफा विश्व कप 2026 के उद्घाटन मैच में महज़ दो दिन बाकी हैं और टूर्नामेंट 11 जून से शुरू होने वाला है, लेकिन ईरान के लिए एक के बाद एक मुसीबतें थमने का नाम नहीं ले रहीं। ईरान के फुटबॉल महासंघ (FFIRI) ने दावा किया है कि टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक कुछ दिन पहले उनका टिकट आवंटन वापस ले लिया गया है, जिससे हज़ारों ईरानी फुटबॉल प्रशंसकों की यात्रा योजनाएँ खतरे में पड़ गई हैं।
टिकट वापसी से प्रशंसक हलकान
FFIRI ने बयान में कहा, “यह इस तथ्य के बावजूद हुआ कि कई ईरानी फुटबॉल प्रशंसकों ने आधिकारिक रूप से घोषित प्रक्रिया पर भरोसा करते हुए मैच देखने की पूरी तैयारी पहले से ही कर ली थी।” महासंघ ने इस कदम को पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए FIFA को इसकी लिखित शिकायत करने की बात कही है।
वीज़ा विवाद: खिलाड़ियों को अनुमति, वरिष्ठ अधिकारी अभी भी बाहर
ईरानी राष्ट्रीय टीम को 6 जून को अमेरिका में प्रवेश के लिए वीज़ा मिल गया — यानी टूर्नामेंट शुरू होने के महज़ 10 दिन पहले। लेकिन टीम के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को अभी तक अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली है। ईरान की अर्द्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, जिन अधिकारियों को वीज़ा नहीं मिला है उनमें कार्यकारी निदेशक मेहदी खरती, फुटबॉल महासंघ के महासचिव हेदायत मोम्बिनी और मीडिया निदेशक मोहसेन मोतामेदकिया शामिल हैं। FIFA अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो सहित FIFA को ईरान की ओर से इस बहिष्कार की औपचारिक सूचना दी जा चुकी है, और FIFA ने इस मामले को तत्काल देखने का आश्वासन दिया है।
प्रशिक्षण शिविर अमेरिका से मेक्सिको भेजा गया
अमेरिका-ईरान राजनीतिक तनाव का असर मैदान के बाहर भी दिखा। ईरान ने मूल रूप से अपना प्रशिक्षण शिविर अमेरिका के एरिज़ोना प्रांत के टक्सन शहर में स्थापित करने की योजना बनाई थी, लेकिन अब FIFA ने पुष्टि की है कि ईरान का प्रशिक्षण शिविर मेक्सिको के तिजुआना शहर में ‘Centro Xoloitzcuintle’ में होगा। मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शेनबाम ने खुलासा किया कि खुद अमेरिका ने मेक्सिको से ईरानी टीम को आतिथ्य देने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा, “अमेरिका नहीं चाहता था कि ईरानी राष्ट्रीय टीम अमेरिका में रात बिताए।”
ग्रुप G में ईरान के मैच — न्यूज़ीलैंड, बेल्जियम और मिस्र से भिड़ंत
ईरान अपना विश्व कप अभियान 16 जून को लॉस एंजेलिस में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ शुरू करेगा। इसके बाद 21 जून को बेल्जियम और फिर मिस्र से ग्रुप स्टेज मुकाबला होगा।
राजनीतिक पृष्ठभूमि: युद्ध की छाया में फुटबॉल
यह पूरा विवाद ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे गहरे भू-राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में हो रहा है। ईरान के खेल मंत्री अहमद दोन्यामाली ने मार्च में कहा था कि देश के नए सर्वोच्च नेता की हत्या के बाद “किसी भी परिस्थिति में हम विश्व कप में भाग नहीं ले सकते।” हालाँकि बाद में FFIRI अध्यक्ष मेहदी ताज ने यह स्पष्ट किया कि टीम विश्व कप से नहीं, बल्कि केवल अमेरिकी धरती का बहिष्कार करना चाहती है। उन्होंने कहा, “हम अमेरिका का बहिष्कार करेंगे, विश्व कप का नहीं।”
FIFA और AFC की प्रतिक्रिया
एशियन फुटबॉल कन्फेडरेशन (AFC) के महासचिव विंडसर जॉन ने कहा कि उन्हें ईरान की ओर से विश्व कप से आधिकारिक वापसी की कोई सूचना नहीं मिली है। FIFA का रुख भी यही है कि सभी टीमें तय कार्यक्रम के अनुसार खेलें। FIFA नियमों के अनुसार, यदि कोई टीम विश्व कप से हटती है तो उसे FIFA द्वारा दी गई तैयारी राशि और अन्य भुगतान वापस करने होंगे। इसके अलावा अन्य प्रतिबंधों का भी सामना करना पड़ सकता है।
संक्षेप में स्थिति
अभी तक ईरान ने आधिकारिक रूप से विश्व कप से नाम नहीं वापस लिया है, लेकिन टिकट वापसी, अधिकारियों को वीज़ा न मिलना, प्रशिक्षण शिविर का मेक्सिको में स्थानांतरण और राजनीतिक बयानबाज़ी यह सब मिलकर एक ऐसे संकट की तस्वीर पेश करते हैं जो खेल के मैदान से कहीं आगे जा चुका है। अब सारी निगाहें FIFA पर टिकी हैं कि वह इस राजनीतिक-खेल उलझन को कैसे सुलझाता है।

