वन्यजीव संरक्षण की दिशा में गौतमबुद्धनगर पुलिस और वन विभाग की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना बिसरख पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने न्यू हैबतपुर कब्रिस्तान के पास घेराबंदी कर प्रतिबंधित हाथी दांत की तस्करी करने वाले दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से 1450 ग्राम वजनी हाथी दांत बरामद किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 20 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस मीडिया सेल के अनुसार, 5 जुलाई 2026 को स्थानीय इंटेलिजेंस और गोपनीय सूत्रों से महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति इलाके में प्रतिबंधित वन्यजीव उत्पादों की तस्करी की फिराक में हैं। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस और वन विभाग की टीम ने न्यू हैबतपुर कब्रिस्तान क्षेत्र में घेराबंदी की। संदिग्ध अवस्था में घूम रहे दो व्यक्तियों को पकड़ा गया और तलाशी के दौरान उनके पास से 1450 ग्राम वजन का एक बड़ा प्रतिबंधित हाथी दांत बरामद हुआ।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:
राजेन्द्र (40 वर्ष): पुत्र चंद्रपाल, मूल निवासी ग्राम रिवाड़ा, बुलन्दशहर (वर्तमान पता: बहादुरगढ़, हरियाणा)।
संदीप (32 वर्ष): पुत्र हरीमंगल, मूल निवासी ग्राम मुडियार, बस्ती (वर्तमान पता: खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद)।
दोनों अभियुक्त अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह हाथी दांत कहां से प्राप्त किया गया था, इसे किसे बेचने की योजना थी और इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन-कौन शामिल हैं। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना बिसरख में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न गंभीर धाराओं (मु0अ0सं0- 444/2026, धारा 44, 48ए, 49बी, 39, 50, 51) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस टीम इस गिरोह के अन्य सदस्यों और संपर्कों को खंगाल रही है ताकि पूरे तस्करी जाल को जड़ से समाप्त किया जा सके।
वन्यजीव तस्करी पर सख्ती
हाथी दांत की तस्करी एक गंभीर पर्यावरणीय अपराध है, जो न केवल हाथियों की आबादी को खतरे में डालता है बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित है। भारत में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत ऐसे अपराधों पर कड़ी सजा का प्रावधान है। गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए वन विभाग के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने का संकल्प लिया है। यह कार्रवाई दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वन्यजीव उत्पादों की तस्करी पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। स्थानीय इंटेलिजेंस की भूमिका को सराहते हुए पुलिस ने सूचना देने वालों को गोपनीय रखने का आश्वासन दिया है। पुलिस की आगे की जांच जारी है। इस मामले में कोई नई जानकारी मिलते ही अपडेट किया जाएगा। जनता से अपील की गई है कि यदि किसी को ऐसी तस्करी की कोई जानकारी हो तो तुरंत बिसरख पुलिस या वन विभाग को सूचित करें। वन्यजीवों की रक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है।

