Major Bust in Noida: नोएडा। थाना सेक्टर-20 पुलिस ने निवेश के नाम पर रखे गए भारी नकदी की चोरी के मामले का सफल खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी अवनीश कुमार समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से 1 करोड़ 48 लाख रुपये नकद (500-500 रुपये के नोटों की 296 गड्डियां) और घटना में प्रयुक्त ह्यूंडई ऑरा कार (बिना नंबर प्लेट, चेसिस नंबर MALB241CLTM498438) बरामद की गई है। बरामदगी की जानकारी आयकर विभाग को भी दी गई है।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त, अपर पुलिस उपायुक्त नोएडा जोन और सहायक पुलिस आयुक्त नोएडा जोन प्रथम के नेतृत्व में अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गई। गिरफ्तारी 18 अगस्त 2026 को रात करीब 00:40 बजे रंजीतगंधा चौराहे से फिल्मसिटी की ओर जाने वाले रास्ते पर हुई।
कैसे हुई वारदात?
पुलिस के अनुसार, वासुदेव नामक व्यक्ति (जिनकी लॉ फर्म है) ने लगभग 1.50 से 1.60 करोड़ रुपये निवेश के लिए आशीष सक्सेना (सीए, जिनका ऑफिस सेक्टर-58 और 62 में बताया जाता है) को दिए थे। आशीष निवेश संबंधी काम देखते थे। उनके पार्टनरों में आदर्श, भरत और अवनीश शामिल थे।
अवनीश ने आशीष की फर्म में करीब 46 लाख रुपये निवेश किए थे, लेकिन उन्हें अपेक्षित रिटर्न नहीं मिला। रिटर्न कम होने और आशीष के पास बड़ा नकद रखने की जानकारी होने पर अवनीश ने अपने रिश्तेदार जीतू (जितेंद्र) तथा उसके दोस्त सुमित, अनिल और ड्राइवर पवन के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई। 11 अगस्त की रात को आशीष के सेक्टर-25 नोएडा स्थित गैराज से यह नकदी चोरी कर ली गई। इसके बाद अवनीश ने पूरा पैसा अलीगढ़ में अपने भाई नीशू के पास रखवा दिया। शिकायत पर थाना सेक्टर-20 में मु०अ०सं० 340/2026 धारा 305ए/331(4)/317(2)/61(2) बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत हुआ। पुलिस टीम ने एसीपी, एसएचओ और क्राइम टीम की मेहनत से करीब 400-500 सीसीटीवी कैमरों की जांच की। संदिग्ध कारों (जिनमें नंबर प्लेट गलत थी) को फॉलो करते हुए पूरे मामले का खुलासा हुआ। सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए और 1.48 करोड़ रुपये एक ही जगह से बरामद हुए।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
अवनीश कुमार (33 वर्ष) पुत्र स्व० मुकेश चौहान, निवासी ग्राम साथा, थाना जवां, जिला अलीगढ़। शिक्षा- बीएससी पास। पिछले एक साल से टीपीएफ (ट्रेडिंग प्रॉफिट फंड) में कार्यरत। मुख्य योजनाकार।
पवन उर्फ शिवम उर्फ कांचा (28 वर्ष) पुत्र नेपाल सिंह, निवासी ग्राम मदैम, थाना राया, जिला मथुरा। शिक्षा- 8वीं पास। ओला/उबर टैक्सी चालक (दिल्ली/एनसीआर/मथुरा)। पूर्व आपराधिक इतिहास।
जितेंद्र कुमार (24 वर्ष) पुत्र राम खिलाड़ी, निवासी ग्राम बसई, थाना सिकंदरा राऊ, जिला हाथरस। शिक्षा- 8वीं पास। सेक्टर-155 नोएडा में अंग्रेजी शराब की दुकान पर सेल्समैन। पूर्व आपराधिक इतिहास।
सुमित कुमार (22 वर्ष) पुत्र रविंद्र सिंह, निवासी ग्राम नगला सावित, थाना जैथरा, जिला एटा। वर्तमान पता- अंकित खारी का मकान, गली नं-03, नया गांव, थाना फेज-2, गौतमबुद्धनगर। शिक्षा- 12वीं पास। रिका कंपनी (फेज-2) में प्राइवेट नौकरी।
अनिल कुमार (22 वर्ष) पुत्र मुन्ना लाल, निवासी ग्राम किसनपुर, थाना विजयगढ़, जिला अलीगढ़। शिक्षा- 12वीं पास। बरोला जूस कार्नर सेक्टर-47 में देसी शराब की दुकान पर सेल्समैन। पूर्व आपराधिक इतिहास।
नीशू चौहान (29 वर्ष) पुत्र स्व० मुकेश चौहान, निवासी ग्राम साथा, थाना जवां, जिला अलीगढ़। शिक्षा- 10वीं पास। गांव में खेती का काम। पवन, जितेंद्र और अनिल के खिलाफ पहले भी आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, भा.द.वि./बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमे मथुरा, हाथरस आदि जगहों पर दर्ज हैं।
पुलिस की कार्रवाई
गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक नवीन तोमर, राहुल शर्मा, अनु कुमार मलिक, भानुप्रताप सिंह, हरीशचंद्र पांडेय, रोहित मलिक, अंकित वाजपेयी, दिव्य प्रताप सिंह, हैका 1364 रोहित (सर्विलांस सेल), कांस्टेबल पिंकू पवार और कौशिक पाराशरी शामिल थे। सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है।
डीसीपी नोएडा साद मियाँ खान ने बताया कि वासुदेव द्वारा दर्ज शिकायत के आधार पर जांच शुरू हुई। सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध वाहनों की ट्रैकिंग से आरोपियों तक पहुंचा गया। पूरा पैसा एक जगह से बरामद हुआ है। मामले में पैसों के लेन-देन और साजिश की आगे जांच जारी है। यह सफलता अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को दर्शाती है। नोएडा पुलिस ने आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि की है।
यह भी पढ़ें: Savitribai Phule College: कन्या इंटर कॉलेज के हॉस्टल में भीषण आग, बड़ा हादसा टला

