नोएडा। दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इन्वेस्टमेंट रीजन (DNGIR), जिसे न्यू नोएडा के नाम से जाना जाता है, में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अब तेज होने जा रही है। दीपावली के बाद किसानों से जमीन लेने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। अब तक 361 किसान आपसी सहमति से अपनी जमीन देने के लिए तैयार हो चुके हैं। किसानों से जरूरी दस्तावेज और सहमति पत्र जुटाने के लिए तीन स्थानों पर कैंप लगाए गए हैं। इन कैंपों के माध्यम से प्राधिकरण की पांच लेखपालों की टीम किसानों से संपर्क कर अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।
361 किसानों ने दी सहमति, मुआवजे की दरें तय
न्यू नोएडा परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर प्राधिकरण ने समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। जमीन अधिग्रहण के लिए मुआवजे की दरें भी तय हो चुकी हैं। अब किसानों से सहमति पत्र और जमीन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि आपसी सहमति के आधार पर अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
361 किसानों का जमीन देने के लिए तैयार होना परियोजना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, अधिग्रहण की गति इस बात पर भी निर्भर करेगी कि कितने किसान आगे आकर अपनी सहमति देते हैं और दस्तावेजों की औपचारिकताएं कितनी जल्दी पूरी होती हैं।
अवैध निर्माण और अतिक्रमण रोकने के लिए तीन नए सर्किल
न्यू नोएडा क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर नियंत्रण के लिए नोएडा प्राधिकरण ने तीन नए सर्किल बनाए हैं। इनमें सर्किल-11, सर्किल-12 और सर्किल-14 शामिल हैं। इन सर्किलों के गठन का उद्देश्य क्षेत्र में निगरानी मजबूत करना और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई को प्रभावी बनाना है।
प्राधिकरण ने सर्किल-11 की जिम्मेदारी जीएम एसपी सिंह को सौंपी है, जबकि सर्किल-12 और सर्किल-14 का काम जीएम एके अरोड़ा संभालेंगे। इन सर्किलों में जल्द ही सीनियर मैनेजर और मैनेजर की तैनाती भी की जाएगी। इसके बाद क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों की निगरानी और अतिक्रमण के मामलों में कार्रवाई को और व्यवस्थित करने की योजना है।
न्यू नोएडा के विकास के साथ जमीन पर बढ़ेगी निगरानी
न्यू नोएडा परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए एक तरफ जमीन अधिग्रहण की तैयारियां तेज की जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ अवैध निर्माण और अतिक्रमण को रोकने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत की जा रही है। तीन नए सर्किलों का गठन इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
अब देखना होगा कि दीपावली के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और प्राधिकरण अवैध निर्माण पर नियंत्रण के लिए नई व्यवस्था को किस तरह लागू करता है। परियोजना की प्रगति में किसानों की सहमति, दस्तावेजों का सत्यापन और जमीन पर प्रभावी निगरानी अहम भूमिका निभाएंगे।

