जयपुर। राजस्थान की शांत और ऐतिहासिक गुलाबी नगरी (जयपुर) अब धीरे-धीरे एक काले और अनैतिक कारोबार की गिरफ्त में आती जा रही है। कभी देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की पहचान रहा ‘डान्स बार कल्चर’ अब जयपुर के वीआईपी और पोश इलाकों में पैर पसार चुका है। दैनिक भास्कर की एक खास ग्राउंड इन्वेस्टिगेशन (खोजी रिपोर्ट) में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि शहर के रईस इलाकों में ‘बीयर बार’ के लाइसेंस की आड़ में धड़ल्ले से अवैध डान्स बार और ‘डॉल्स बार’ चलाए जा रहे हैं। इस पूरे नेटवर्क में न केवल स्थानीय युवतियां, बल्कि विदेशी लड़कियों, खासकर रशियन कॉलगर्ल्स की भारी डिमांड है, जिनके लिए एक रात की कीमत 18,000 रुपये से भी अधिक वसूली जा रही है।
पोश इलाकों में ‘बीयर बार’ का बोर्ड, अंदर ‘मुंबई का कल्चर’
दैनिक भास्कर की टीम ने जब जयपुर के कुछ चुनिंदा और महंगे इलाकों में चल रहे बार की पड़ताल की, तो बाहर से बेहद शांत दिखने वाले इन ठिकानों के अंदर का नजारा हैरान करने वाला था।
- अंधेरे का फायदा: इन बार्स के बाहर केवल ‘बीयर बार’ या लाउंज का बोर्ड लगा होता है, ताकि पुलिस और प्रशासन की नजरों से बचा जा सके।
- सीक्रेट केबिन और डॉल्स बार: बार के भीतर बकायदा ‘डॉल्स बार’ (जहां युवतियों को गुड़ियों की तरह सजाकर पेश किया जाता है) का सेटअप तैयार किया गया है।
- लाउड म्यूजिक पर डांस: तेज संगीत के बीच युवतियां और विदेशी डांसर ग्राहकों को रिझाने के लिए डांस करती हैं, और उन पर सरेआम नोट उड़ाए जाते हैं—ठीक उसी तरह जैसे कभी मुंबई के डान्स बार्स में हुआ करता था।
रशियन कॉलगर्ल्स की भारी डिमांड, 18,000 रुपये से शुरू होती है डील
इस अवैध कारोबार का सबसे डार्क साइड (काला पहलू) है विदेशी लड़कियों की तस्करी और उनका इस धंधे में इस्तेमाल। सूत्रों और इन्वेस्टिगेशन के मुताबिक:
“जयपुर के इन डॉल्स बार में रशियन और अन्य ईस्टर्न यूरोपियन लड़कियों की मांग सबसे ज्यादा है। रशियन कॉलगर्ल्स के लिए ग्राहकों से न्यूनतम 18,000 रुपये से लेकर ₹25,000 से अधिक तक की रकम वसूली जा रही है।”
इस वीआईपी सर्विस के लिए बकायदा कोडवर्ड्स का इस्तेमाल किया जाता है और केवल भरोसेमंद या प्रोफाइल वाले ग्राहकों को ही इन लड़कियों से मिलवाया जाता है। इसके लिए सोशल मीडिया ग्रुप्स और सीक्रेट कॉलिंग नेटवर्क का इस्तेमाल हो रहा है।
कैसे काम करता है यह पूरा सिंडिकेट?
| चरण | कार्यप्रणाली (Modus Operandi) |
|---|---|
| 1. लाइसेंस का खेल | आबकारी विभाग से सामान्य बीयर बार या रेस्टोरेंट का लाइसेंस लिया जाता है। |
| 2. लड़कियों की एंट्री | दिल्ली और मुंबई के एजेंटों के जरिए रशियन और अन्य राज्यों की लड़कियों को ‘टूरिस्ट’ या ‘डांसर’ बनाकर जयपुर लाया जाता है। |
| 3. एंट्री और वेरिफिकेशन | हर किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं होती। बार के बाहर बाउंसर्स तैनात होते हैं, जो केवल चुनिंदा और अमीर ग्राहकों को ही एंट्री देते हैं। |
| 4. मोटी कमाई | शराब की आड़ में देहव्यापार और डान्स बार के जरिए एक रात में लाखों रुपये का टर्नओवर खड़ा किया जा रहा है। |
स्थानीय पुलिस और प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
जयपुर के पॉश इलाकों (जैसे सी-स्कीम, मालवीय नगर, वैशाली नगर और टोंक रोड) में चल रहे इस अवैध धंधे ने स्थानीय कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि देर रात तक इन बार्स के बाहर लग्जरी गाड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है और नशे में धुत लोग हुड़दंग मचाते हैं। दैनिक भास्कर के इस बड़े खुलासे के बाद अब देखना यह होगा कि जयपुर पुलिस और आबकारी विभाग इन अवैध ‘डॉल्स बार’ और अंतरराष्ट्रीय सेक्स रैकेट के सिंडिकेट पर क्या और कितनी सख्त कार्रवाई करता है।
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