ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर के लखनावली गांव में सिंचाई विभाग और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की जमीन पर अवैध कब्जा और बहुमंजिला इमारत व मार्केट बनाने का आरोप सामने आया है। शिकायतकर्ता दिनेश ने आरोप लगाया है कि वर्षों से लिखित शिकायतों के बावजूद प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने एक सप्ताह में कार्रवाई न होने पर परिवार सहित जिला कलेक्ट्रेट पर आत्मदाह की चेतावनी दी है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित दिनेश के अनुसार, खसरा संख्या 186 तथा पुराने खसरा संख्या 327 की करीब 317.71 वर्गमीटर जमीन सिंचाई परियोजना के लिए अधिगृहीत की गई थी। आरोप है कि इस सरकारी जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है और निर्माण कार्य चला रहे हैं।
शिकायत में श्यामवीर, महेश और रवि समेत कुछ अन्य लोगों को नामजद किया गया है। दिनेश का दावा है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की खसरा संख्या 366, 367, 368, 369, 107, 109, 364, 493 और 151/870 पर भी अवैध निर्माण जारी है।
पीड़ित परिवार की मांगें
संबंधित जमीन पर तत्काल जांच कराई जाए। चल रहे अवैध निर्माण को तुरंत रोका जाए। आरोपियों के खिलाफ सख्त और प्रभावी कानूनी कार्रवाई हो। अधिकारियों और आरोपियों के बीच संभावित मिलीभगत की जांच की जाए।
दिनेश ने कहा कि परिवार पिछले कई वर्षों से सिंचाई विभाग और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक ठोस सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी है कि एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई न होने पर वे अपने परिवार के साथ जिला कलेक्ट्रेट पर आत्मदाह के लिए विवश होंगे।
प्रशासन पर बढ़ा दबाव
यह मामला इसलिए भी गंभीर है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पहले से ही अतिक्रमण और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ अभियान चला रहा है। प्राधिकरण ने हाल ही में पुराने हैबतपुर के डूब क्षेत्र में लगभग 40,000 वर्गमीटर जमीन से अवैध निर्माण हटाया था और दोबारा अतिक्रमण पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुमित यादव ने स्पष्ट किया था कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण नियमों के खिलाफ है और ऐसे मामलों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
आगे क्या होगा?
अब नजर इस बात पर होगी कि जिला प्रशासन, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और सिंचाई विभाग लखनावली के इस विवाद में कितनी जल्दी मौके का निरीक्षण कराते हैं और दोषियों पर कार्रवाई करते हैं। पीड़ित परिवार की आत्मदाह की चेतावनी ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

