Greater Noida Accident: जेवर (ग्रेटर नोएडा), जेवर थाना क्षेत्र के नीमका गांव के नीमका मार्ग पर एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। धान की रोपाई का काम पूरा कर घर लौट रहे बिहार के तीन मजदूरों को तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने पीछे से रौंद दिया। हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। चालक वाहन सहित फरार हो गया। पुलिस अब स्कॉर्पियो और आरोपी चालक की तलाश में जुट गई है।
घटना जेवर के नीमका मार्ग पर हुई। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, तीनों मजदूर बिहार से ग्रेटर नोएडा-जेवर क्षेत्र में मजदूरी करने आए थे। वे धान की रोपाई का काम निपटाकर शाम के समय पैदल या साइकिल पर लौट रहे थे, तभी पीछे से तेज गति से आ रही स्कॉर्पियो ने उन्हें टक्कर मार दी। इतनी भीषण टक्कर थी कि तीनों मजदूर सड़क पर जा गिरे और मौके पर ही उनकी जान चली गई। हादसे के बाद चालक ने रुकने की बजाय वाहन तेजी से भागा लिया। आसपास के लोगों ने शोर मचाया, लेकिन तब तक स्कॉर्पियो दूर निकल चुकी थी। ग्रामीणों ने तुरंत जेवर पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस जांच में जुटी
जेवर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और स्कॉर्पियो वाहन की तलाश शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज और आसपास के गवाहों के बयानों के आधार पर छानबीन की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि फरार चालक की पहचान जल्द की जाएगी और उसे गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे हिट एंड रन मामलों में अक्सर तेज रफ्तार और लापरवाही मुख्य वजह बनती है। यह हादसा ग्रेटर नोएडा-जेवर क्षेत्र में सड़क सुरक्षा की कमी को फिर रेखांकित करता है। खासकर ग्रामीण मार्गों पर तेज गति वाले वाहनों का आवागमन और पैदल चलने वाले मजदूरों के लिए खतरा बरकरार है। बिहार से आए ये मजदूर अपनी मेहनत से परिवार का पेट पाल रहे थे, लेकिन एक लापरवाह ड्राइवर ने उनके परिवारों को हमेशा के लिए सूना कर दिया।
परिवारों में मातम
मृतक मजदूरों के परिजन हादसे की सूचना मिलते ही सदमे में हैं। बिहार से उनके रिश्तेदारों को सूचित किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को मुआवजे और मदद का भरोसा दिलाया है। यह घटना उन हजारों प्रवासी मजदूरों की याद दिलाती है जो विकास कार्यों के लिए दिल्ली-एनसीआर आते हैं, लेकिन सड़क सुरक्षा की अनदेखी के शिकार हो जाते हैं। प्रशासन से अपील है कि ऐसे संवेदनशील मार्गों पर गति नियंत्रण, पैदल यात्री क्रॉसिंग और निगरानी बढ़ाई जाए ताकि आगे ऐसे हादसे न हों।

