Ghaziabad: संपत्तिकर में हेराफेरी के नाम पर लाखें की रिश्वत के खेल का खुलासा

गाजियाबाद में रूपये लेकर संपत्तिकर कम करने के मामले सामने आने के बाद अब भाजपा के नेता ने शिकायत की है। भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के विभाग शोध प्रमुख राहुल यादव ने उनके भवन पर गलत तरीके से 88 लाख रुपये संपत्ति कर लगाने का नोटिस भेजने और कम करने के लिऐं 35 लाख रुपये मांगने की शिकायत नगरायुक्त को दी है। नगर आयुक्त ने मामले में जांच के आदेश दिए तो अधिकारियों की टीम ने सर्वे कर टैक्स में बदलाव किया।
बम्हैटा निवासीे राहुल यादव का लालकुआं क्षेत्र में कार्यालय बना हुआ है। जमीन का अधिकांश हिस्सा खाली है और एक छोटे हिस्से पर कार्यालय है। आरोप है कि कविनगर जोन के तत्कालीन जोनल प्रभारी बनारसी दास ने 2011 से संपत्तिकर का बिल बनाकर भेज दिया। उन्होंने संपत्तिकर पूरी जमीन पर लगाया लेकिन प्लॉट का अधिकांश हिस्सा खाली है। आरोप है कि उन्होंने शिकायत दी तो अधिकारियों ने संपत्तिकर कम करने के लिए 35 लाख रुपये की रिश्वत मांगी और न देने पर मकान सील करने की चेतावनी दी। इसके बाद उन्हें उच्च न्यायालय जाना पड़ा। न्यायालय ने नगर निगम अधिकारियों को आठ सप्ताह में प्रकरण की सुनवाई कर निस्तारण के आदेश दिए। उनका कहना है कि कर विभाग के सबसे बड़े अधिकारी ने भी उनकी सुनवाई नहीं की। इसके बाद नगरायुक्त नितिन गौड़ से शिकायत की तो उन्होंने जांच के आदेश दिए। राहुल यादव का दावा है कि कमेटी ने जांच की तो शिकायत सही मिली और संपत्तिकर को संशोधित किया गया।

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