नोएडा । राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल स्वरूप देने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में 12 जून से सिटी बस सेवा शुरू हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से वर्चुअल माध्यम के जरिए बसों को हरी झंडी दिखाई।
शिल्प हाट बना उद्घाटन का केंद्र
उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन सेक्टर-33ए स्थित शिल्प हाट में किया गया। समारोह में करीब 300 लोग शामिल हुए। इस अवसर पर 10 इलेक्ट्रिक बसें शिल्प हाट परिसर में मौजूद रहीं, जबकि अन्य बसें सेक्टर-90 स्थित बस डिपो से अपने निर्धारित मार्गों पर संचालन के लिए रवाना हुईं। कार्यक्रम में गौतम बुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर, नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्ण करुणेश, एसीईओ सतीश पाल एवं वंदना त्रिपाठी, जिलाधिकारी मेधा रूपम, भाजपा के जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा, महानगर अध्यक्ष महेश चौहान, फोनरवा के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा और नोएडा एंटरप्रिनियोर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन मल्हन समेत शहर के तमाम गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
तीनों प्राधिकरणों में 10-10 बसों से हुई शुरुआत
पहले चरण में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण अपने-अपने क्षेत्रों में 10-10 बसों का संचालन शुरू कर रहे हैं। नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ वंदना त्रिपाठी के अनुसार तीनों प्राधिकरणों ने अपने-अपने क्षेत्रों में बसों के संचालन के लिए विस्तृत रूट प्लान तैयार कर लिया है। शुरुआत केवल 30 बसों से की जा रही है, लेकिन भविष्य में इसका विस्तार किया जाएगा।
किराया संतुलित, आम आदमी की पहुंच में
इन बसों का न्यूनतम किराया 20 रुपए और अधिकतम किराया 50 रुपए निर्धारित किया गया है, जिससे यात्रियों को किफायती और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा। यात्री मोबाइल ऐप और मैन्युअल दोनों तरीकों से टिकट ले सकेंगे। बसें हर 15 मिनट में उपलब्ध होंगी।
जेवर एयरपोर्ट तक सीधी कनेक्टिविटी — मुख्य आकर्षण
ई-बस सेवा का प्रमुख उद्देश्य आगामी जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करना है। कई रूट सीधे एयरपोर्ट तक जाएंगे, जबकि कुछ बसें बॉटनिकल गार्डन, सेक्टर-62, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, सूरजपुर और परी चौक जैसे महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ेंगी। इसके अलावा यात्रियों को सराय काले खां, आनंद विहार, गाजियाबाद और आईएसबीटी तक भी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में ग्रामीण और शहरी इलाकों को जोड़ने के लिए कई लंबे रूट निर्धारित किए गए हैं। रबूपुरा, दनकौर, जहांगीरपुर, बिलासपुर, गलगोटिया विश्वविद्यालय, जीबीयू, जिम्स, परी चौक और सूरजपुर जैसे महत्वपूर्ण स्थान इन रूटों में शामिल हैं।


प्रमुख रूट एक नज़र में
यह ई-बस सेवा नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के आपसी समन्वय से संचालित होगी। इसके लिए प्रमुख रूट तय किए गए हैं जिनमें सेक्टर-90 (डिपो) और बॉटेनिकल गार्डन से ग्रेटर नोएडा के किसान चौक तक, सेक्टर-90 से सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर तक और डिपो से बॉटेनिकल गार्डन होते हुए नोएडा सेक्टर-62 तक के रूट शामिल हैं।
डबल डेकर बसें भी होंगी बेड़े का हिस्सा
कुल 100 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाना है। इनमें 10 बसें डबल डेकर होंगी। उत्तर प्रदेश सरकार, नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, यमुना प्राधिकरण और UPSRTC के संयुक्त सहयोग से तैयार की गई इस योजना को शहर के सार्वजनिक परिवहन की तस्वीर बदलने वाला कदम माना जा रहा है।
साल 2026 के अंत तक 200 बसों का लक्ष्य
वर्ष 2026 के अंत तक जिले में करीब 200 इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर चलती नजर आएंगी। अधिकारियों का मानना है कि इस सेवा से निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और शहर के भीतर तथा आसपास के क्षेत्रों में यात्रा अधिक सुगम बनेगी।
सीएम योगी ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में प्रदेश में बने गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे सहित अपनी सरकार की विभिन्न अवसंरचना उपलब्धियों की सराहना की। सांसद डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि ये बसें लोगों को आवागमन में सुविधा देंगी और साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक होंगी।
पर्यावरण के लिए भी अहम कदम
एनसीआर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुविधाजनक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से क्षेत्र में वायु प्रदूषण में कमी आएगी, जो NCR जैसे अत्यधिक प्रदूषित क्षेत्र के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

