थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने एक संगठित मोबाइल चोरी गैंग का पर्दाफाश करते हुए 21 जून 2026 को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से करीब 100 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए। पुलिस का दावा है कि बरामद मोबाइलों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 50 लाख रुपये है। अभियुक्तों की पहचान आनंद उर्फ रुद्रेश, पंकज उर्फ धीरेन्द्र और मोहित पुंडीर के रूप में हुई है।
मैनुअल इंटेलिजेंस पर कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, नॉलेज पार्क थाना को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर सेक्टर-153 स्थित पानी की टंकी के पीछे से तीनों आरोपियों को पकड़ा गया। प्रारंभिक पूछताछ और जगह पर तफ्तीश के दौरान आरोपियों के पास से 100 ब्रांड न्यू आईक्यूओओ (iQOO) मोबाइल फोन बरामद हुए। थाना अधिकारियों का कहना है कि मोबाइलों को विभिन्न स्थानों पर बेचने के इरादे से दिल्ली ले जाया जा रहा था और समय रहते कार्रवाई कर पूरे गिरोह को दबोच लिया गया।
पिकअप व फर्जी नंबर प्लेट की जानकारी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक महिंद्रा पिकअप वैन भी बरामद की है, जिस पर फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर DL7LAH7827 लगाए गए थे। प्राथमिक जांच में यह संकेत मिला है कि गाड़ी का उपयोग चोरों ने मोबाइल लेकर आने-जाने और उन्हें दिल्ली की ओर तक पहुंचाने के लिए किया था। इसके अतिरिक्त आनंद उर्फ रुद्रेश तथा मोहित पुंडीर के पास से एक-एक अवैध चाकू भी बरामद हुए हैं।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। आनंद उर्फ रुद्रेश के विरुद्ध दिल्ली और गुरुग्राम में माल चोरी तथा आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। वहीं मोहित पुंडीर के खिलाफ हाथरस और सिकंदराराऊ में चोरी व अन्य आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि पंकज उर्फ धीरेन्द्र का भी पहले से रिकॉर्ड रहा है और वह गैंग के साथियों से मिलकर चोरी की वारदातों में शामिल रहा है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा संख्या 136/2026 के अंतर्गत बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। गिरफ्तारियों और बरामद सामान के आधार पर पुलिस टीम आरोपियों से विस्तृत पूछताछ कर रही है ताकि मोबाइल चोरी के नेटवर्क, आपूर्तिकर्ताओं और अन्य साथी बदमाशों का पर्दाफाश किया जा सके। पुलिस ने कहा है कि पूछताछ से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मोबाइल कहां से हासिल किए गए और किन मार्गों से उन्हें दिल्ली-एनसीआर में बेचा जाना था।
डीसीपी का बयान
ग्रेटर नोएडा के डीसीपी रवि शंकर निम ने कहा, “21/6/2026 को नॉलेज पार्क थाना की टीम को मुखबिर से सूचना मिली। टीम ने सक्रियता दिखाते हुए सेक्टर-153 के पास तीन आरोपियों को पकड़ा, जिनके पास 100 ब्रांड न्यू iQOO मोबाइल बरामद हुए। प्राथमिक जांच में पाया गया कि पिकअप वैन पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर इसका उपयोग किया जा रहा था। आरोपियों की क्रिमिनल हिस्ट्री भी रही है और उनसे और भी जानकारी जुटाई जा रही है।”
जांचकर्ता की प्राथमिक बनाम बाद की कीमत का अंतर
पुलिस प्रवक्ता ने घटनास्थल पर मीडिया को बताया कि प्रारंभिक अनुमान में मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 15–20 लाख रुपये बतायी गई थी, जबकि आगे की जांच और मार्केट मूल्यांकन के बाद बरामद मोबाइलों की कुल कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है। जांच अधिकारियों का कहना है कि कीमत का अंतर इस बात पर निर्भर करता है कि मोबाइल कौन से मॉडल के हैं और किस हालत में हैं, तथा चोरी के मामलों में बाजार मूल्य अलग-अलग आंका जाता है।
आगे की कार्रवाई
नॉलेज पार्क पुलिस एवं ग्रेटर नोएडा अपराध शाखा अब आरोपियों से विस्तृत पूछताछ कर रही है ताकि चोरी के स्रोत, हथियाने की तरकीबें और इन मोबाइलों के खरीदारों के नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। पुलिस ने सार्वजनिक रूप से बरामद मोबाइलों की पहचान और उनसे संबंधित कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। साथ ही पिकअप गाड़ी के फर्जी नंबर प्लेट लगाने वाले और मोबाइल सप्लाई करने वाले अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी रखी जाएगी।
स्थानीय निवासियों में सुरक्षा का भरोसा
घटना की खबर के बाद क्षेत्रवासियों में राहत की फिलहाल भावना है, हालांकि पुलिस की सक्रियता के बावजूद चोरी-छेड़छाड़ और वाहन चोरी जैसी घटनाओं को लेकर सतर्कता बढ़ी है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अपनी मूल्यवान वस्तुओं की सुरक्षा रखें और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या हेल्पलाइन पर दें।

