गौर चौक: अंडरपास निर्माण के बीच टूटी सड़क, मिट्टी-धूल और तर्कहीन बैरिकेडिंग ने जनता की मुश्किलें बढ़ाईं

गौर सिटी चौक पर जारी अंडरपास निर्माण कार्य के कारण आसपास की सड़कों और जिंदगियों पर बढ़ती समस्याओं से स्थानीय लोग चिंतित हैं। स्थानीय निवासियों  ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को भेजे आवेदन में बताया है कि नोएडा से गौर सिटी (NH‑24) की ओर जाने वाली लेफ्ट साइड सड़क वर्षों से टूटी पड़ी है और उसे मिट्टी से भर दिया गया है, जिससे ऐसा लगता है मानो कभी उसकी मरम्मत ही नहीं हुई।

निवासियों का कहना है कि अंडरपास निर्माण स्थल के चारों ओर जमा मिट्टी को न तो हटाया जा रहा है और न ही समय‑समय पर पानी डालकर धूल कम करने की व्यवस्था की जा रही है, जिससे आसपास का वातावरण प्रदूषित हो रहा है। दबते धुएं और उड़ा मिट्टी‑धूल ने राहगीरों, साइकिल चालकों और वाहनों के चालकों के लिए दिक्कतें और स्वास्थ्य संबंधी खतरे पैदा कर दिए हैं। प्राधिकरण ने सड़क को अंडरपास निर्माण के चलते बंद कर रखा है, पर बीच‑बीच में लगाए गए बैरिकेड खोल दिए गए हैं; नतीजतन पैदल यात्री और साइकिल चालक मुख्य मार्ग से बीच‑बीच से क्रॉस करते दिखते हैं, जिससे ट्रैफिक में बाधा और दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। स्थान पर बने फूटओवर ब्रिज (FOB) मौजूद होने के बावजूद उसका उपयोग नहीं कराया जा रहा, जिससे यह प्रश्न उठता है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी JE, SM या GM नियमित रूप से साइट का निरीक्षण करते हैं।

स्थानीय निवासी शिकायत करते हैं कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता, साफ‑सफाई और तात्कालिक सुरक्षा व्यवस्थाओं पर लगाम नहीं है। विशेषकर हवा में उड़े कणों से बच्चों और बुजुर्गों की स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ने का डर है। लोग अनुरोध कर रहे हैं कि प्राधिकरण तुरंत मलबा हटवाकर सड़क की मरम्मत कराये, धूल रोकने के लिए पानी छिड़काव और कवर्ड स्टोरेज की व्यवस्था करे, तथा ट्रैफिक को सुरक्षित रूप से डायवर्ट करने के स्पष्ट और कड़े निर्देश लागू करे। साथ ही, फूटओवर ब्रिज के उपयोग को अनिवार्य किया जाए ताकि पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित हो सके। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से अपेक्षा है कि वह त्वरित निरीक्षण कर सार्वजनिक शिकायत का निवारण करे और स्थानीय लोगों को कार्ययोजना व समयसीमा की जानकारी प्रदान करे। इस बीच आवेदक और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों और मीडिया के समक्ष मुद्दा उठाने को बाध्य होंगे।

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