पुणे में ढोंगी बाबा राधामोहन मिश्रा गिरफ्तार: ‘भगवान का अवतार’ बनकर वर्षों तक महिला का यौन शोषण, ब्लैकमेल और आर्थिक ठगी का आरोप

आश्रम में मिली गुप्त सुरंग, करोड़ों की नकदी-गहने और दर्जनों जोड़ों के निजी वीडियो; जांच में हरियाणा तक फैले नेटवर्क के सुराग

पुणे क्राइम ब्रांच और खराडी पुलिस ने खुद को भगवान का अवतार और चमत्कारी शक्तियों वाला बताने वाले 59 वर्षीय स्वयंभू बाबा राधामोहन मिश्रा को उसके सात सहयोगियों के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में छह महिलाएं और मिश्रा का करीबी सहयोगी 58 वर्षीय कंवल नयन शामिल है। खराडी पुलिस ने मुख्य आरोपी के साथ उसके सहयोगी “स्वामी” कंवल नयन समेत कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ जारी है। अदालत ने सभी आरोपियों को 20 जून तक पुलिस हिरासत में भेजा था, जिसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।

पीड़िता कौन है और आरोप क्या हैं

शिकायतकर्ता पुणे की एक निजी कंपनी में काम करने वाली उच्च शिक्षित महिला है, जिसके पिता एक जाने-माने डॉक्टर हैं। पुलिस के अनुसार यह ढोंगी बाबा मूल रूप से हरियाणा का रहने वाला है और पिछले करीब आठ साल से पुणे के इस बंगले में रहकर अपना तथाकथित आश्रम चला रहा था, जबकि पीड़िता का परिवार भी हरियाणा का ही रहने वाला है। महिला का परिवार दो दशक से अधिक समय पहले इस बाबा के संपर्क में आया था; अलग-अलग रिपोर्टों में शोषण की अवधि 15 से 26 साल के बीच बताई गई है। आरोप है कि बाबा ने महिला को मानसिक रूप से अपने वश में कर लिया और उसे परिवार-पति से अलग कर दिया। पुलिस के मुताबिक उसने महिला का शारीरिक, मानसिक और वित्तीय रूप से शोषण किया और उसे पेशाब पीने के लिए मजबूर किया। सरकारी पक्ष का कहना है कि आरोपी ने महिला के निजी वीडियो रिकॉर्ड किए और इनका इस्तेमाल उस पर दबाव बनाने और ब्लैकमेल करने के लिए किया। “आधुनिक गुरुकुल” के नाम पर परिवारों के बच्चों को भी आश्रम में रखे जाने और वहाँ उनके शोषण के आरोप सामने आए हैं।

छापेमारी में क्या मिला

पीड़िता की शिकायत पर 200 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की टीम ने वाघोली के उबाळेनगर स्थित आश्रम (बंगले) पर छापा मारा। बंगले में बने एक गुप्त कमरे/तहखाने से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद हुआ — करीब 12 लैपटॉप, 11 मोबाइल फोन, 19 हार्ड ड्राइव, कई पेन ड्राइव और रिकॉर्डिंग से जुड़े उपकरण, साथ ही लगभग 6.5 लाख रुपये नकद और लाखों की ज्वेलरी। इसके अलावा भारी मात्रा में दवाइयां और संदिग्ध पदार्थ भी मिले। जब्त डिजिटल डिवाइस की प्राथमिक जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है — मराठी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जब्त पेनड्राइवों में सिर्फ शिकायतकर्ता ही नहीं, बल्कि कई अन्य जोड़ों के भी निजी पल रिकॉर्ड मिले हैं, जिससे शोषण के दायरे के और बड़ा होने का संदेह गहराया है। आश्रम में एक निर्माणाधीन भूमिगत सुरंग भी मिली है, जिसके मकसद की जांच चल रही है।

आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई

मामले में पुलिस ने यौन शोषण से जुड़ी धाराओं के अलावा महाराष्ट्र के काला जादू/अमानुष प्रथा विरोधी कानून और आपराधिक साजिश की धाराएं भी लगाई हैं। मराठी अखबारों की रिपोर्ट्स बताती हैं कि हिरासत में पूछताछ के दौरान मिश्रा और उसकी महिला सहयोगी असहयोग कर रहे हैं, जब्त डिवाइस पासवर्ड-प्रोटेक्टेड होने से जांच में अड़चन आ रही है, और पूछताछ के दौरान मिश्रा का ब्लड-प्रेशर बढ़ने पर उसे अस्पताल भी ले जाना पड़ा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच इस दिशा में केंद्रित है कि बाबा का नेटवर्क महाराष्ट्र के अलावा हरियाणा और उत्तर भारत के कितने इलाकों तक फैला है, और इसमें अब तक कितने पीड़ित शामिल हो सकते हैं। फॉरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही नेटवर्क की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

ध्यान दें: यह मामला अभी पुलिस अनुसंधान और अदालती प्रक्रिया के अधीन है। ऊपर दिए गए सभी तथ्य पुलिस बयानों और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं; आरोप अदालत में अभी सिद्ध नहीं हुए हैं।

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