हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के प्रसिद्ध सर्वानंद घाट से एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने श्रद्धालुओं और स्थानीय तीर्थ पुरोहितों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। वायरल वीडियो में एक महिला अपनी मर्यादाओं को ताक पर रखकर गंगा के पवित्र जल में अपने पालतू कुत्ते को नहलाती नजर आ रही है।
विरोध के बावजूद अड़ी रही महिला
घटना के दौरान घाट पर मौजूद अन्य श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने जब इस कृत्य को देखा, तो उन्होंने तुरंत आपत्ति जताई। लोगों का कहना था कि गंगा हिंदू धर्म में ‘माँ’ के समान पूजनीय हैं और करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं, ऐसे में पालतू जानवरों को घाट पर नहलाना धार्मिक भावनाओं का अपमान है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब महिला को टोकने का प्रयास किया गया, तो वह शांत होने के बजाय लोगों से उलझ गई। उसने स्थानीय लोगों की आपत्तियों और धार्मिक मान्यताओं को सिरे से नकारते हुए अपने कुत्ते को नहलाना जारी रखा। महिला के इस अड़ियल रवैये ने मौके पर मौजूद लोगों के गुस्से को और हवा दे दी।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया
वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट पर भी लोग दो धड़ों में बँट गए हैं। जहाँ पशु प्रेमियों का एक वर्ग इसे सामान्य मान रहा है, वहीं सनातन धर्म के अनुयायियों का कहना है कि:
- घाटों की मर्यादा: गंगा के घाट पूजा-पाठ और स्नान के लिए हैं, न कि पालतू जानवरों की ग्रूमिंग के लिए।
- नियमों की अनदेखी: हरिद्वार में घाटों पर स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखने के सख्त निर्देश हैं, फिर भी ऐसी घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं।
फिलहाल कोई औपचारिक कार्रवाई नहीं
हैरानी की बात यह है कि इस पूरी घटना को लेकर अब तक किसी भी आधिकारिक स्तर पर कानूनी कार्रवाई की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। स्थानीय प्रशासन या पुलिस द्वारा इस मामले में कोई चालान या प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई है। इस घटना में जहाँ एक ओर श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर आधिकारिक तौर पर किसी पक्ष की ओर से कोई शिकायत दर्ज न होने के कारण स्थिति जस की तस बनी हुई है।
स्थानीय लोगों की मांग
हरिद्वार के पुरोहितों और निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि घाटों पर सीसीटीवी (CCTV) निगरानी बढ़ाई जाए और इस प्रकार की गतिविधियों पर भारी जुर्माना लगाया जाए, ताकि गंगा की मर्यादा और पवित्रता अक्षुण्ण बनी रहे।

