ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में स्थित सीताराम इंस्टीट्यूट के निर्माणाधीन हॉस्टल में शुक्रवार सुबह दो मजदूरों के लहूलुहान शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। दोनों मजदूरों की धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या की गई। तीसरा साथी मजदूर घटनास्थल से फरार है, जिस पर ही हत्या का मुख्य शक है। पुलिस ने मामले में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें गठित कर दी हैं।
गौतमबुद्ध नगर जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस राजीव नारायण मिश्रा ने बताया की पुलिस के अनुसार, सूचना डायल-112 पर मिली कि निर्माणाधीन हॉस्टल के एक कमरे में दो व्यक्तियों के शव पड़े हैं। दोनों मृतक दो दिन पहले ही मेरठ से माली का काम करने यहां आए थे। उनके साथ तीसरा व्यक्ति भी था और तीनों एक ही कमरे में रह रहे थे। रात में शराब का सेवन करने के बाद आपसी विवाद हुआ, जिसके बाद इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया।
मृतकों की पहचान मेरठ निवासी इंद्र (22 वर्ष) और शीशपाल (45 वर्ष) के रूप में हुई है। शव खून से लथपथ अवस्था में मिले। फॉरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। सीसीटीवी फुटेज में फरार व्यक्ति को सुबह भागते हुए देखा गया है। पुलिस ने पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। महत्वपूर्ण सुराग मिलने का दावा किया गया है और शीघ्र गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
घटना की खबर फैलते ही सोशल मीडिया (विशेषकर X/ट्विटर) पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। आम जनता ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। कई यूजर्स ने इसे “शराब और छोटी-मोटी बातों पर हिंसा” का उदाहरण बताया। आम लोग लिख रहे हैं- “मजदूर तो रोजी-रोटी के लिए आते हैं, यहां उनकी जान चली जाती है”, “पुलिस जल्दी एक्शन ले”, “शराबबंदी क्यों नहीं होती?” कुछ यूजर्स ने निर्माण साइटों पर मजदूरों की रहने की दयनीय स्थिति और सुरक्षा की कमी पर भी सवाल उठाए। इलाके में दहशत का माहौल बताया जा रहा है। स्थानीय लोग निर्माणाधीन इंस्टीट्यूट्स में काम करने वाले मजदूरों की पृष्ठभूमि जांच की मांग कर रहे हैं। अभी तक कोई राजनीतिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
पृष्ठभूमि और ताजा अपडेट
यह घटना ग्रेटर नोएडा में हाल के महीनों में हॉस्टल/निर्माण स्थलों पर हुई अन्य घटनाओं (छात्र आत्महत्या, गोलीकांड आदि) की कड़ी में आई है, हालांकि यह मजदूरों के बीच का मामला है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में मेरठ और आसपास के इलाकों में छापेमारी कर रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज जांच का मुख्य आधार बनेंगे। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि आरोपी जल्द गिरफ्तार हो जाएगा। इस जघन्य घटना ने निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा और रहन-सहन के मुद्दे को एक बार फिर उठा दिया है।

