DMK विधायक अनीता राधाकृष्णन गिरफ्तार: मुख्यमंत्री विजय पर विवादित टिप्पणी का मामला, हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत खारिज की

तमिलनाडु में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) और विपक्षी द्रमुक (DMK) के बीच तनाव बढ़ते जा रहे हैं। पूर्व मंत्री और तिरुचेंदूर से DMK विधायक अनीता आर. राधाकृष्णन को शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 को थूथुकुडी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई मद्रास हाईकोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने के तुरंत बाद हुई। अनीता राधाकृष्णन DMK की थूथुकुडी दक्षिण जिला सचिव भी हैं। आथूर पुलिस ने 23 जून को उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप है कि उन्होंने 20 जून को आथूर में पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि की जयंती पर आयोजित DMK की सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ अपमानजनक और उत्तेजक टिप्पणियां कीं।3

क्या था विवादित बयान?

रिपोर्ट्स के अनुसार, राधाकृष्णन ने विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय के व्यवहार का मजाक उड़ाते हुए कहा कि वे “फंसे हुए” महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सिनेमा से राजनीति में आने का हवाला देते हुए व्यंग्य किया, “घर पर अभिनेत्री के साथ कितने खुश थे, अब यहां फंस गए हैं।” एक दुकानदार-ग्राहक के रूप में भी उन्होंने मुख्यमंत्री के “हैरान” भाव को लेकर टिप्पणी की। इन बयानों को लेकर TVK कार्यकर्ता एस. सेल्वम ने शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352 (शांति भंग करने वाली जानबूझकर अपमान) और 353(2) (समूहों के बीच दुश्मनी, नफरत या दुर्भावना फैलाने वाले बयान) के तहत मामला दर्ज किया।

हाईकोर्ट का सख्त रुख

मद्रास हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जी.के. इलंथिरैयन ने शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए राधाकृष्णन के भाषण का ट्रांसक्रिप्ट पढ़ा और टिप्पणियों पर नाराजगी जताई। न्यायाधीश ने कहा, “वे कोई साधारण व्यक्ति नहीं हैं। पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक होने के नाते उन्हें मुख्यमंत्री पद का सम्मान करना चाहिए।” सरकार की ओर से वकील ने विरोध करते हुए कहा कि ऐसे बयान DMK और TVK कार्यकर्ताओं के बीच टकराव पैदा कर सकते थे, जिसे पुलिस ने समय रहते रोका। राधाकृष्णन के वकील ने दलील दी कि भले ही टिप्पणियां अपमानजनक हों, लेकिन उनमें समूहों के बीच दुश्मनी फैलाने का इरादा नहीं था। कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।

गिरफ्तारी और विरोध प्रदर्शन

कोर्ट के फैसले के बाद आथूर पुलिस की टीम ने राधाकृष्णन को आथूर टाउन पंचायत में रिकॉर्ड जांच करते समय गिरफ्तार कर लिया। उन्हें थूथुकुडी के एसपी कार्यालय ले जाया गया, जहां अतिरिक्त एसपी अरुमुगम ने उनसे पूछताछ की। गिरफ्तारी के बाद DMK कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। थूथुकुडी कॉर्पोरेशन के मेयर जेगन पेरियासामी के नेतृत्व में एसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया गया। आथूर में एक समूह ने सड़क जाम कर पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शित किया।

पृष्ठभूमि और राजनीतिक संदर्भ

यह घटना TVK के नेतृत्व वाली सरकार (मई 2026 में सत्ता में आई) और DMK के बीच बढ़ते टकराव को दर्शाती है। राधाकृष्णन पहले भी मुख्यमंत्री विजय और उनकी सरकार के खिलाफ तीखे बयान दे चुके हैं, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि विजय सरकार “6 महीने भी नहीं चलेगी” और MK स्टालिन जल्द सत्ता में वापसी करेंगे। तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने जोसेफ विजय की सरकार और DMK के बीच यह पहला बड़ा कानूनी टकराव नहीं है। विपक्षी दल सरकार पर पूर्व मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई का आरोप लगाते रहे हैं। गिरफ्तारी के बाद राधाकृष्णन को थूथुकुडी पुलिस हिरासत में रखा गया है। मामले की आगे की जांच जारी है। इस घटना ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, जहां भाषण की स्वतंत्रता और सार्वजनिक पदों के सम्मान पर सवाल उठ रहे हैं। DMK ने पुलिस कार्रवाई को “राजनीतिक प्रतिशोध” बताया है, जबकि TVK इसे कानून के शासन का उदाहरण करार दे रही है।

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