दिल्ली पुलिस ने ऐप-बेस्ड हाउसहेल्प को किया गिरफ्तार, फर्जी रेप शिकायत और 5 लाख की ब्लैकमेलिंग का मामला

दिल्ली पुलिस ने एक ऐप-आधारित घरेलू कामगार महिला को फर्जी बलात्कार की शिकायत दर्ज कराकर 56 वर्षीय ग्राहक और उसके परिवार से 5 लाख रुपये की उगाही करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला ने 2 लाख रुपये स्वीकार करते हुए पकड़ी गई। यह घटना द्वारका के चित्रकूट अपार्टमेंट्स में हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला पूजा गिरी Snabbit नामक होम सर्विसेज प्लेटफॉर्म के जरिए 30 जून को द्वारका के चित्रकूट अपार्टमेंट्स में काम पर गई थी। काम पूरा करने के बाद उसने दावा किया कि 56 वर्षीय JK भारद्वाज (जो गुरुग्राम में प्राइवेट सेक्टर में काम करते हैं) ने उसके साथ बलात्कार किया। महिला ने तुरंत 112 पर PCR कॉल की और शिकायत दर्ज कराई।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि शिकायत दर्ज कराने के तुरंत बाद पूजा गिरी ने पीड़ित के बेटे से संपर्क किया और 5 लाख रुपये की मांग की। उसने धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो रेप केस आगे बढ़ाया जाएगा। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ और महिला 2 लाख रुपये लेने के लिए तैयार हो गई। पुलिस ने इस पूरे लेन-देन और बातचीत को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से रिकॉर्ड किया। DCP (द्वारका) कुशल पाल सिंह के अनुसार, पीड़ित की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308 के तहत मामला दर्ज किया गया। पूजा गिरी को गिरफ्तार कर लिया गया और उसके पास से 2 लाख रुपये बरामद कर लिए गए। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या महिला ने पहले भी इसी तरह की उगाही की घटनाओं को अंजाम दिया है।

Snabbit कंपनी के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा, “हम कानून प्रवर्तन एजेंसियों को पूरी सहायता प्रदान कर रहे हैं। जांच के परिणाम तक ग्राहक और वर्कर दोनों के अकाउंट्स सस्पेंड कर दिए गए हैं। हमारी जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है और हम कानून के अनुसार आगे बढ़ेंगे।” यह घटना घरेलू सेवाओं के ऐप-बेस्ड प्लेटफॉर्म्स में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं को रेखांकित करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्राहकों को वर्कर की पृष्ठभूमि की जांच (background verification) करानी चाहिए और संदिग्ध व्यवहार पर तुरंत पुलिस से संपर्क करना चाहिए। दिल्ली पुलिस ने भी नागरिकों से अपील की है कि घरेलू कामगारों को नियुक्त करते समय सतर्क रहें। पुलिस जांच जारी है। इस तरह की फर्जी शिकायतों से न केवल निर्दोष लोगों की प्रतिष्ठा खराब होती है, बल्कि असली पीड़ितों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठता है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी की आगे की पूछताछ में और खुलासे होने की संभावना है।

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