दिल्ली के पहले महिला थाने का शुभारंभ, महिलाओं व बच्चों से जुड़े अपराधों की होगी विशेष जांच

New Delhi news  राजधानी दिल्ली में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उपराज्यपाल सरदार तरणजीत सिंह संधू ने शुक्रवार को उत्तर जिला के सब्जी मंडी क्षेत्र में दिल्ली पुलिस के पहले महिला थाने का उद्घाटन किया। यह थाना महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों की जांच तथा पीड़ितों को संवेदनशील और सुरक्षित वातावरण में न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।

इस अवसर पर दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा, विशेष पुलिस आयुक्तों सहित दिल्ली पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। महिला थाना 19 जून 2026 से पूर्ण रूप से कार्य करना शुरू कर देगा और इसका अधिकार क्षेत्र पूरे उत्तर जिले में रहेगा। उत्तर जिले के अपराध शाखा महिला प्रकोष्ठ (सीएडब्ल्यू सेल) को भी इसमें समाहित कर दिया गया है।
उपराज्यपाल संधू ने कहा कि इस पहल की वास्तविक सफलता केवल दर्ज मामलों या जांच की संख्या से नहीं, बल्कि महिलाओं और बालिकाओं के मन में पैदा होने वाले विश्वास और सुरक्षा की भावना से आंकी जाएगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को रोकना केवल पुलिस ही नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। यदि कहीं महिलाओं के साथ अन्याय या अपराध होता दिखाई दे तो लोगों को आगे आकर पुलिस को सूचित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नया महिला थाना घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़, पीछा करने, बलात्कार और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों सहित सभी गंभीर मामलों की जांच करेगा। यह थाना महिलाओं और बच्चों के लिए अनुकूल वातावरण में कार्य करेगा तथा यहां अधिकांश स्टाफ महिला पुलिसकर्मियों का होगा।
कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों, आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, विभिन्न क्षेत्रों की महिला प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में गणमान्य लोगों ने भाग लिया।
दिल्ली में 116 पिंक बूथ संचालित
दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस चार प्रमुख स्तंभों—रोकथाम, संरक्षण, त्वरित जांच और जनभागीदारी—पर आधारित रणनीति पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में वर्तमान में 116 पिंक बूथ संचालित हैं, महिला पीसीआर वैन तैनात हैं तथा 30 लाख से अधिक महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
केंद्रित पुलिसिंग का बनेगा आदर्श मॉडल
उत्तर जिला पुलिस द्वारा संचालित ‘रानी झांसी स्क्वॉड’, ‘वामिका’ पेट्रोलिंग वाहन और अन्य महिला सुरक्षा अभियानों का भी इस अवसर पर उल्लेख किया गया। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि यह महिला थाना लैंगिक संवेदनशील और पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग का एक आदर्श मॉडल बनेगा।

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