लखनऊ अग्निकांड के बाद यूपी में सख्ती, कोचिंग सेंटरों पर छापेमारी, 71 प्रतिष्ठान सील, सोसायटियों को चेतावनी

लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए भीषण अग्निकांड में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद उत्तर प्रदेश प्रशासन ने पूरे प्रदेश में फायर सेफ्टी और भवन मानकों की जांच का अभियान तेज कर दिया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने 71 प्रतिष्ठानों को सील कर दिया, जबकि गाजियाबाद में 81 कोचिंग सेंटरों की जांच के दौरान 35 को नोटिस जारी किए गए। साथ ही सोसायटियों और बहुमंजिला इमारतों के प्रबंधनों को सख्त चेतावनी दी गई है कि फायर सेफ्टी में लापरवाही पर आरडब्ल्यूए के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी।

लखनऊ में बड़े नामों पर कार्रवाई
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर प्रवर्तन विभाग, अग्निशमन और पुलिस की संयुक्त टीमों ने शहर के सभी सात जोनों में अभियान चलाया। इस दौरान अनएकेडमी, विद्यापीठ, फिजिक्स वाला, एलन, आकाश, मोशन, ग्रैविटी सहित कई प्रमुख कोचिंग संस्थानों समेत 71 प्रतिष्ठानों को सील किया गया। 83 भवन मालिकों और प्रबंधकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। गोमती नगर में 9 कोचिंग सेंटर सील। कानपुर रोड योजना में 16 कोचिंग सेंटर सील। हजरतगंज में 14 प्रतिष्ठान सील। अभियान तीन सप्ताह तक चलेगा। जांच में अग्निशमन यंत्रों की अनुपलब्धता, बंद निकास द्वार, जर्जर वायरिंग और अन्य गंभीर खामियां सामने आई हैं।
एलडीए में बड़े तबादले
अग्निकांड के तुरंत बाद एलडीए ने 25 कर्मचारियों (सुपरवाइजर, मेट और चतुर्थ श्रेणी) का तबादला कर दिया। यह फेरबदल प्रवर्तन कार्यों को और प्रभावी बनाने के लिए किया गया है।

गाजियाबाद में ताबड़तोड़ छापेमारी
लखनऊ हादसे का असर गाजियाबाद तक दिखा। प्रशासन, पुलिस, फायर ब्रिगेड और विद्युत विभाग की टीमों ने 81 कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों का निरीक्षण किया। 35 संस्थानों को नोटिस जारी किए गए, कई जगहों पर बिजली कनेक्शन काट दिए गए। कई संस्थानों में एक्सपायर फायर एक्सटिंग्विशर, बंद आपातकालीन निकास और निकास मार्गों पर सामान रखकर रास्ता अवरुद्ध पाया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। नोटिस प्राप्त संस्थानों को निर्धारित समय में कमियां दूर करनी होंगी, अन्यथा सीलिंग की कार्रवाई होगी।

सोसायटियों पर सख्ती
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद गाजियाबाद प्रशासन ने सभी सोसायटियों और आरडब्ल्यूए को कड़े निर्देश जारी किए। ट्रांसफॉर्मर, वायरिंग, फायर एग्जिट, बेसमेंट और पार्किंग में ज्वलनशील सामग्री पर रोक लगाई गई। लापरवाही पर सोसायटी प्रबंधन के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज होगी और इमारतें सील की जा सकती हैं।

पृष्ठभूमि
लखनऊ के अलीगंज में एक कोचिंग सेंटर/लाइब्रेरी में लगी आग ने न सिर्फ 15 युवा छात्रों की जान ली, बल्कि पूरे प्रदेश में फायर सेफ्टी की लापरवाही को उजागर कर दिया। इस घटना ने शैक्षणिक संस्थानों, व्यावसायिक भवनों और आवासीय सोसायटियों में छिपी खतरों को सामने ला दिया है। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान सतत चलेगा और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा। अभिभावकों और छात्रों से अपील की गई है कि वे केवल उन संस्थानों में पढ़ाई करें जहां फायर सेफ्टी मानक पूरे होते हों। स्थिति तेजी से बदल रही है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि मानकों का पालन न करने वाले किसी भी संस्थान या सोसायटी को बख्शा नहीं जाएगा।

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