बारिश की बौछारों के बीच भी बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में आज ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के समर्थकों ने शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त गड़बड़ियों, पेपर लीक और युवा बेरोजगारी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस सटायरिकल ऑनलाइन मूवमेंट ने दिल्ली, पुणे, लखनऊ और अमृतसर के बाद कर्नाटक की राजधानी में अपनी ताकत दिखाई, जहां सैकड़ों युवा, छात्र और अभिनेता प्रकाश राज जैसे दिग्गज शामिल हुए। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत डिपके के नेतृत्व में यह आंदोलन मूल रूप से NEET-UG 2026 पेपर लीक (जो परीक्षा से 42 घंटे पहले पकड़ा गया) और CBSE की नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली में आई गड़बड़ियों—जैसे ब्लरी स्कैन, गुम पन्ने और पोर्टल क्रैश—के खिलाफ शुरू हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और शिक्षा में पारदर्शिता, निष्पक्षता तथा जवाबदेही की पुरजोर वकालत की। कुछ नारों में प्रधानमंत्री के इस्तीफे की भी मांग उठी। प्रकाश राज ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा, “जनता द्वारा चुने गए नेताओं को अपना काम करना चाहिए… इस देश के युवाओं ने अपनी लड़ाई खुद लड़ने का फैसला कर लिया है।” जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी मौजूद रहे। बारिश के बावजूद पोस्टर और छाते लेकर पहुंचे युवाओं ने शिक्षा सुधार और नौकरियों की कमी जैसे मुद्दों पर अपनी निराशा जताई। दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकारों और निर्देशकों ने भी समर्थन दिया।
सोशल मीडिया और विवादों का मिश्रण
सोशल मीडिया पर CJP पहले से ही वायरल है, जहां यह युवाओं की आवाज बनकर उभरा। बेंगलुरु प्रदर्शन से पहले प्रवक्ता सौरव दास के तमिल भाषी लोगों को आमंत्रित करने वाले पोस्ट पर कन्नड़ अभिमानियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी, इसे “कर्नाटक का अपमान” बताया। इससे पहले मई में टाउन हॉल के पास प्रस्तावित मानव श्रृंखला को पुलिस ने अनुमति नहीं दी थी और हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए चेतावनी जारी की थी। अंततः फ्रीडम पार्क में शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुआ। CJP के समर्थक इसे “ऑनलाइन से ऑफलाइन” की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं, जबकि आलोचक इसे राजनीतिक साजिश या युवाओं को भड़काने वाला बताते हैं। विपक्षी नेता राहुल गांधी जैसे दलों ने भी परीक्षा घोटालों पर इस आंदोलन का समर्थन किया है।
प्रदर्शनकारियों के मन में क्या?
युवा प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बार-बार के पेपर लीक, मूल्यांकन त्रुटियां और बेरोजगारी ने उनके भविष्य को अंधकारमय बना दिया है। वे शिक्षा मंत्रालय से ठोस सुधार, पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया और युवा रोजगार पर फोकस चाहते हैं। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “हम कॉकरोच हैं—दबाए नहीं जा सकते।” सोशल मीडिया पर #CJP, #CockroachJantaParty और #NEETPaperLeak ट्रेंड कर रहे हैं, जहां लोग अपनी कहानियां शेयर कर रहे हैं। पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की थी। CJP का दावा है कि यह आंदोलन देशव्यापी होगा और युवाओं की असली आवाज बनेगा। बेंगलुरु प्रदर्शन के साथ ही हैदराबाद में भी इसी मुद्दे पर जुटाव हुआ, जो दर्शाता है कि शिक्षा और युवा मुद्दे अब राजनीतिक हलकों से आगे निकलकर सड़कों पर आ गए हैं। यह आंदोलन दर्शाता है कि आज का युवा सिर्फ ऑनलाइन मीम्स और व्यंग्य नहीं, बल्कि सड़कों पर अपनी मांगों को रखने को तैयार है। भविष्य में इसकी दिशा और प्रभाव पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
यह भी पढ़ें: मंधाना-घोष की तूफानी पारी, दीप्ति का कहर, भारत के आगे पाकिस्तान हुआ नतमस्तक

