नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण में और ऊंची होंगी इमारतें, यूनिफाइड बिल्डिंग रेगुलेशन-2026 का ड्राफ्ट जारी

नोएडा। जिले के तीनों प्राधिकरण — नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे — में अब इमारतों की ऊंचाई और अधिक हो सकेगी। इनवेस्ट यूपी विभाग ने प्रदेश के सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए यूनिफाइड बिल्डिंग रेगुलेशन-2026 लाने की तैयारी शुरू कर दी है और इसका ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है।

प्रीमियम परचेजबल एफएआर होगी सबसे बड़ी सुविधा

ड्राफ्ट में क्रय योग्य (परचेजबल) एफएआर के साथ-साथ अब प्रीमियम परचेजबल एफएआर का भी विकल्प दिया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि निर्माणकर्ता या बिल्डर तय शुल्क चुकाकर अतिरिक्त एफएआर खरीद सकेंगे और इसके जरिए इमारत की ऊंचाई को और बढ़ाने की छूट मिलेगी। यह व्यवस्था उन डेवलपर्स के लिए फायदेमंद होगी जो सीमित जमीन पर अधिकतम निर्माण करना चाहते हैं।

एक समान बायलॉज से खत्म होगी भ्रम की स्थिति

अब तक अलग-अलग प्राधिकरणों में बिल्डिंग बायलॉज अलग-अलग थे, जिससे निर्माणकर्ताओं और आवंटियों को भ्रम की स्थिति का सामना करना पड़ता था। इस ड्राफ्ट के लागू होने के बाद प्रदेश के सभी औद्योगिक प्राधिकरणों में एकसमान बिल्डिंग बायलॉज लागू होंगे। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि निर्माण मंजूरी की प्रक्रिया भी सरल और तेज हो सकेगी।

ई-चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और 126 परिभाषाओं पर जोर

नई नियमावली में बिल्डिंग रेगुलेशन के तहत ई-चार्जिंग का बुनियादी ढांचा मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है, जो इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भविष्य की जरूरत बन चुका है। इसके अलावा भवन निर्माण से जुड़ी 126 परिभाषाओं को भी स्पष्ट रूप से परिभाषित कर दिया गया है, ताकि व्याख्या को लेकर कोई विवाद न हो।

आपत्ति और सुझाव आमंत्रित

इनवेस्ट यूपी ने ड्राफ्ट पर आम जनता, बिल्डर्स, डेवलपर्स और संबंधित पक्षों से आपत्तियां व सुझाव मांगे हैं। सुझावों के आधार पर ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसके बाद इसे औपचारिक रूप से लागू किया जाएगा। माना जा रहा है कि यह नई नियमावली नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में रियल एस्टेट सेक्टर को नई गति देगी।

 

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