दिल्ली नगर निगम में BJP की धाक: प्रवेश वाही बने दिल्ली के नए मेयर; गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी का ‘क्लीन स्वीप’

दिल्ली नगर निगम में BJP की धाक: देश की राजनीति में इस समय स्थानीय निकायों के चुनाव और उनके नतीजे चर्चा के केंद्र में हैं। दिल्ली नगर निगम (MCD) को अपना नया महापौर मिल गया है, वहीं गुजरात में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपना दबदबा कायम रखते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।

दिल्ली में प्रवेश वाही का ‘मिशन क्लीन’

दिल्ली के रोहिणी-ईस्ट से पार्षद प्रवेश वाही को भारी बहुमत से दिल्ली का नया मेयर चुना गया है। पदभार संभालते ही वाही ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी प्राथमिकता दिल्ली की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करना है। उन्होंने विशेष रूप से भलस्वा और गाजीपुर जैसे कूड़े के पहाड़ों (लैंडफिल साइटों) को दिसंबर 2026 तक खत्म करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए निगम के बेड़े में 50 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक मशीनें शामिल की जाएंगी और भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। गौरतलब है कि इस चुनाव प्रक्रिया में आम आदमी पार्टी (AAP) ने मतदान से दूरी बनाए रखी।

गुजरात में भाजपा का विजय रथ

दूसरी ओर, गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा ने एक बार फिर अपना वर्चस्व साबित करते हुए राज्य की सभी 15 नगर निगमों में जीत का परचम लहराया है। इस चुनाव परिणाम में भाजपा ने न केवल क्लीन स्वीप किया, बल्कि अपनी जीत की स्ट्राइक रेट को भी काफी बेहतर बनाया है। अहमदाबाद और सूरत सहित प्रमुख शहरों में पार्टी को भारी बहुमत मिला है, जबकि विपक्षी दल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए यह चुनाव परिणाम बेहद निराशाजनक रहे और वे कहीं भी मुकाबले में नहीं टिक सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जीत को जनता का भाजपा पर अटूट विश्वास बताया है।

प्रमुख चुनावी परिणाम और प्राथमिकताएं

| क्षेत्र | मुख्य घटना | प्रमुख दल का प्रदर्शन | मुख्य लक्ष्य/स्थिति |

| दिल्ली | मेयर का चुनाव | प्रवेश वाही (BJP) निर्वाचित | लैंडफिल साइटों का खात्मा, भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन  |

गुजरात | निकाय चुनाव | BJP का क्लीन स्वीप  | सभी 15 नगर निगमों में बहुमत

इन घटनाक्रमों से स्पष्ट है कि जहां दिल्ली में भाजपा अब अपने प्रशासनिक एजेंडे और स्वच्छता मिशन पर ध्यान केंद्रित कर रही है, वहीं गुजरात में पार्टी ने अपनी संगठनात्मक मजबूती के दम पर विपक्ष को हाशिए पर धकेल दिया है।

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