शहर के नागरिकों ने लगातार बिजली फलक्चुएशन और अनपेक्षित कटौती की स्थिति को लेकर गहरी नाराज़गी जताई है। विशेषकर सेक्टर 51 के निवासियों ने पिछले रात भर विद्युत आपूर्ति में लगातार व्यवधान और आवर्ती फ्लक्चुएशनों के कारण भारी असुविधा झेली, जबकि एक अलग घटना में सेक्टर 55 की रात भर तक़रीबन एक बजे एक इलेक्ट्रिक पोल के शॉर्ट‑सर्किट से वहां पार्किंग में खड़ी दो कारें जल गईं। दोनों घटनाओं ने क्षेत्र में बिजली व्यवस्था और आपात तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सेक्टर 51 के निवासियों ने आरडब्लूए सेक्टर 51 नोएडा के व्हाट्सएप ग्रुप पर कल रात पूरी देर शिकायतें साझा कीं और कहा कि कई घरों में बार‑बार बिजली चली रही थी तथा अचानक होने वाली फ्लक्चुएशन से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी प्रभावित हुए। आरडब्लूए महासचिव संजीव कुमार ने बताया कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, बावजूद इसके पीवीवीएनएल (PVVNL) की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने अधिशासी अधिकारियों, विशेषकर चीफ इंजीनियर से त्वरित हस्तक्षेप और स्थिति सुधारने का आग्रह किया है।
उन्होंने बताया कि हाल में बिजली दरों में लगभग 10% की वृद्धि लागू की गई थी फिलहाल वो अभी ठंडे बस्ते में हैं, मगर बढ़े हुए बिलों के बावजूद भी निवासियों को रातों को जागकर बिजली कट की वजह से परेशान होना पड़ रहा है। कुमार ने यह भी कहा कि शहर की आर्थिक और औद्योगिक स्थिति को देखते हुए इस तरह की अव्यवस्था निराशाजनक है और इसे इंफ्रास्ट्रक्चर की गंभीर कमी माना जाना चाहिए।
वहीं सेक्टर 55 की घटना के वक्त स्थानीय निवासियों और आसपास के लोगों में अफरातफरी मची। पुलिस एवं फायर ब्रिगेड को सूचना मिलने पर मौके पर पहुँचना पड़ा और दमकल ने आग पर काबू पाया। हालांकि आग लगने के कारण दो कारें क्षतिग्रस्त हो गईं, किसी प्रकार की जानी हानि नहीं होने की जानकारी मिली है। प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार आग की वजह नजदीकी इलेक्ट्रिक पोल में शॉर्ट‑सर्किट बताई जा रही है, पर अंतर्विभागीय जांच के बाद ही कारण की पुष्ट सूचना मिल पाएगी।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि खराब विद्युत लाइनें, कमजोर मेंटेनेंस और ओवरलोडिंग जैसी समस्याएँ बार‑बार इस तरह की घटनाओं को जन्म दे सकती हैं। कई लोगों ने मांग की है कि पीवीवीएनएल तुरंत क्षेत्र में प्वाइंट ऑडिट कराए, पुरानी तथा जर्जर पोल‑लाइन की मरम्मत और फेरबदल कराई जाए और फ्लक्चुएशन नियंत्रित करने के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए। आरडब्लूए के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे उच्च स्तरीय अधिकारियों और लोक शिकायत मंचों के माध्यम से और गंभीर कदम उठाएंगे। पीवीवीएनएल के किसी अधिकारी से फिलहाल सीधे टिप्पणी नहीं मिल पाई है। संबंधित विभाग से संपर्क करने और आधिकारिक टिप्पणी मिलने पर समाचार में अपडेट किया जाएगा। नागरिकों का कहना है कि गर्मी के मौसम में बिजली की निर्बाध आपूर्ति और सुरक्षित इन्ट्रास्ट्रक्चर दोनों ही अनिवार्य हैं, वरना ऐसी घटनाएँ कई बार बड़े हादसों का रूप ले सकती हैं।

