मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को आरोप लगाया कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज के ऊपर गश्त कर रहे अमेरिकी सेना के एक अत्याधुनिक AH-64 अपाचे हमलावर हेलिकॉप्टर को मार गिराया है। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “मुझे हमारी महान सेना ने अभी सूचित किया है कि कल रात ईरानियों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर गश्त कर रहे हमारे अत्यंत परिष्कृत अपाचे हेलिकॉप्टरों में से एक को मार गिराया।”
दोनों पायलट सुरक्षित, ड्रोन नाव ने किया बचाव
हेलिकॉप्टर में सवार दोनों सेना के वायु सैनिकों को एक ड्रोन नाव द्वारा बचा लिया गया। ट्रम्प ने कहा कि दोनों सैन्यकर्मी “सुरक्षित और अनघायल” हैं। बचाव अभियान में इस्तेमाल की गई ड्रोन नाव का नाम ‘कोर्सेयर’ है, जो लगभग 24 फुट (7.3 मीटर) लंबी है और Saronic Technologies द्वारा निर्मित है। यह नाव नौसेना के टास्क फोर्स 59 से जुड़ी है, जिसे 2021 में मध्य-पूर्व में समुद्री सुरक्षा के लिए स्थापित किया गया था।
“जवाब देना अनिवार्य” — ट्रम्प की चेतावनी
ट्रम्प ने Truth Social पर लिखा, “इसमें दो पायलट शामिल थे, दोनों सुरक्षित और अनघायल हैं। फिर भी, अमेरिका को इस हमले का जवाब देना आवश्यक है।” यह घटना इस संघर्ष में पहली बार हुई है जब कोई अपाचे हेलिकॉप्टर मार गिराया गया हो।
ईरानी ड्रोन से हुआ हमला — जाँच जारी
एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि मौजूदा संकेत यह हैं कि अपाचे को एक ईरानी ड्रोन ने मार गिराया। हालाँकि, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह जानबूझकर किया गया था या नहीं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने शुरुआती बयान में ईरान पर सीधे आरोप नहीं लगाए और कहा कि घटना की जाँच जारी है।
ईरान का पलटवार — “हम दूसरी भाषाएँ भी जानते हैं”
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने X (ट्विटर) पर लिखा, “हमारे क्षेत्र के निकट मौजूद विदेशी सेनाएँ अपनी मानवीय गलतियों, हादसों या क्रॉसफायर में फँसने के कारण लगातार जोखिम में हैं। जोखिम कम करने का सबसे अच्छा उपाय यह है कि वे यहाँ से चले जाएँ। हम कूटनीति की भाषा पसंद करते हैं, लेकिन अन्य भाषाएँ भी बोलना जानते हैं।”
पृष्ठभूमि: युद्ध और परमाणु वार्ता के बीच फँसी स्थिति
यह हेलिकॉप्टर उसी समय गिरा जब मध्य-पूर्व ईरान और इज़राइल के बीच एक दिन पहले हुई सीधी सैन्य झड़प से उबर भी नहीं पाया था, जो अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद से सबसे बड़ा टकराव था। AH-64 अपाचे हेलिकॉप्टर अमेरिकी सेना के लिए ईरानी कच्चे तेल के जहाज़ों पर लगाई गई नाकेबंदी को लागू करने में एक महत्वपूर्ण संसाधन रहे हैं। विडम्बना यह है कि इस घटना से ठीक पहले ट्रम्प ने ईरान के साथ परमाणु समझौते को लेकर आशावाद जताया था और कहा था कि “दो-तीन दिनों में” एक बड़ा समझौता हो सकता है जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य भी “तत्काल” खोल दिया जाएगा।
विश्लेषण: युद्ध बढ़ेगा या बनेगी बात?
यह घटना अमेरिका-ईरान वार्ता के ठीक बीच हुई है और इज़राइल-ईरान युद्धविराम को नए सिरे से खतरे में डाल सकती है। अब सबकी निगाहें वाशिंगटन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं — क्या ट्रम्प सैन्य जवाब देंगे, या कूटनीतिक दबाव से काम लेंगे? मध्य-पूर्व एक बार फिर एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है।

