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घाट से चोरी चार माह की मासूम 10 दिन बाद बरामद पुलिस घाट से चोरी चार माह की मासूम 10 दिन बाद बरामद पुलिस

घाट से चोरी चार माह की मासूम 10 दिन बाद बरामद पुलिस ने एक बाबा समेत तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

Haridwar news  हरिद्वार पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए 10 दिन पहले चोरी हुई चार माह की मासूम बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। मामले में पुलिस ने बाबा समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
शुक्रवार को मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि घटना 27-28 मई की रात की है, जब उत्तर प्रदेश के संभल निवासी पुष्पेंद्र अपने परिवार के साथ गंगा स्नान के लिए हरिद्वार आए थे। विष्णु घाट के निकट एक पेड़ के नीचे परिवार सो रहा था। सुबह जागने पर उनकी चार माह की बेटी गायब मिली। सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। बच्ची की तलाश को लेकर स्वयं निगरानी करते हुए पुलिस टीमों को सक्रिय किया। सीसीटीवी फुटेज, बस और रेलवे यात्रा की जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने एक संदिग्ध दंपत्ति की पहचान की, जो पहले विष्णु घाट पर एक बच्चे के साथ और अगले दिन दो बच्चों के साथ दिखाई दिए थे। जांच में पता चला कि संदिग्ध दंपत्ति हरिद्वार से धामपुर और वहां से ट्रेन द्वारा पश्चिम बंगाल के हावड़ा जाने के लिए निकले थे। पुलिस ने धामपुर से हावड़ा के बीच पड़ने वाले 65 रेलवे स्टेशनों तक जानकारी जुटाई, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसके बाद जांच का एंगल बदलते हुए पुलिस ने दंपत्ति की हरिद्वार में गतिविधियों की पड़ताल की। जांच के दौरान पता चला कि उक्त महिला और पुरुष अपने बच्चे के साथ शिवालिक नगर क्षेत्र की ब्रह्मपुरी में झाड़-फूंक करने वाले बाबा सत्यपाल की झोपड़ी में रह रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने दबिश देकर बाबा सत्यपाल, दंपत्ति और अपहृत बच्ची को बरामद कर लिया। पहचान कराने पर पुष्टि हुई कि बरामद बच्ची वही चार माह की मासूम है, जिसका अपहरण किया गया था।
लालच में आकर दंपत्ति ने दिया था मामले को अंजाम
बताया कि पूछताछ में सामने आया कि आरोपी दंपत्ति के चार बच्चे हैं। महिला के एक रिश्तेदार ने उसे बताया था कि एक परिवार बेटे के बदले तीन लाख रुपये देने को तैयार है। लालच में आकर दंपत्ति ने यह बात अपने परिचित सत्यपाल को बताई। योजना के तहत वे हरिद्वार पहुंचे और घाटों पर बच्चे चोरी करने का मौका तलाशने लगे। 28 मई की सुबह उन्होंने सो रहे परिवार के बीच से एक बच्चे को लड़का समझकर उठा लिया, लेकिन बाद में पता चला कि वह बच्ची है।
आरोपियों ने बच्ची को बेचने की बनाई थी योजना
आरोपियों ने बच्ची को बेचने की योजना बनाई थी, लेकिन हरिद्वार लौटने पर पुलिस ने उन्हें धर दबोचा। मामले में बाबा सत्यपाल की भूमिका भी सामने आई है, जिसने कथित रूप से पूरी साजिश रचने में सहयोग किया। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जिसमें सत्यपाल पुत्र विजय सिंह निवासी सैदाबाद, लक्सर, हरिद्वार, लाल बहादुर पुत्र कन्हैया लाल निवासी नगरिया, थाना जसवंतनगर, इटावा (उ.प्र.) व प्रीति रानी पत्नी लाल बहादुर निवासी नगरिया, थाना जसवंतनगर, इटावा (उ.प्र.) बताए गए हैं। पुलिस ने सभी के खिलाफ विधिक कार्यवाही करते हुए उनका चालान कर दिया है। इस महत्वपूर्ण खुलासे में चौकी प्रभारी रोड़ीबेलवाला नवीन सिंह चौहान, हेड कांस्टेबल सतीश नौटियाल, कांस्टेबल निर्मल रागढ़ और सीआईयू के कांस्टेबल वसीम की विशेष भूमिका रही।

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