इराक में प्रधानमंत्री अली अल-जैदी के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इस ‘डॉन क्रैकडाउन’ या ‘फज्र’ अभियान के तहत बगदाद के ग्रीन जोन में कई सांसदों और उच्च अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 47 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें वर्तमान सांसद और पूर्व अधिकारी शामिल हैं। अभियान में मनी लॉन्ड्रिंग, घूसखोरी और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोपों की जांच हो रही है।इस अभियान की सबसे चर्चित घटना इराकी संसद सदस्य हिंद मुहम्मद सालेह हसन अल-अब्बासी (हिंद अल-अब्बासी) के घर की छापेमारी है। सुन्नी राजनीतिक दल ‘तहरीक अल-अजम’ या ‘अल-अज्म गठबंधन’ से जुड़ीं अल-अब्बासी सलाह अल-दीन प्रांत का प्रतिनिधित्व करती हैं। वे संसद की इलेक्ट्रॉनिक्स और एनर्जी कमेटी की सदस्य रह चुकी हैं और हाल ही में बगदाद के ब्रूज आवासीय परिसर से उन्हें हिरासत में लिया गया।
सोशल मीडिया पर वायरल दावे
सोशल मीडिया (खासकर X, इंस्टाग्राम और यूट्यूब) पर इस छापेमारी को लेकर सनसनीखेज दावे वायरल हो रहे हैं। इनमें कहा जा रहा है कि अल-अब्बासी के घर से 57 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 490-927 करोड़ रुपये) नकद, 27 किलोग्राम शुद्ध सोना और सोने से बने महिला अंडरगारमेंट्स (गोल्ड ब्रा और पैंटी) बरामद किए गए। ये पोस्ट्स तेजी से शेयर हो रही हैं और इराकी राजनीति में भ्रष्टाचार की गहराई को उजागर करने का दावा कर रही हैं।
दावों की सच्चाई और फैक्ट-चेक
इराकी मीडिया और सुरक्षा सूत्रों ने छापेमारी और गिरफ्तारियों की पुष्टि की है, लेकिन विशिष्ट बरामदगी के आंकड़ों पर विवाद है। कुछ अरबी और स्थानीय रिपोर्ट्स में नकदी और सोने की जब्ती का जिक्र है, जबकि कई फैक्ट-चेक रिपोर्ट्स इन आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर या गलत तरीके से जोड़ा गया बताते हैं।
सोने के अंडरगारमेंट्स का दावा: यह सबसे विवादास्पद हिस्सा है। आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फैक्ट-चेकर्स का कहना है कि ये दावे अलिया नासिफ (एक अन्य सांसद) की छापेमारी से जुड़े हो सकते हैं, जहां लगभग 15.5 मिलियन डॉलर नकद और सोने की वस्तुएं (संभवतः गोल्ड-कलर्ड लिंगरी सहित) बरामद हुईं। हिंद अल-अब्बासी के मामले में सोने के अंडरगारमेंट्स की कोई विश्वसनीय पुष्टि नहीं मिली है।3812
अभियान में कुल 86 मिलियन डॉलर से अधिक नकदी, सोना, संपत्तियां और वाहन जब्त किए गए हैं, जो 2003 के बाद के भ्रष्टाचार से जुड़े माने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री अली अल-जैदी, जो मई 2026 में सत्ता में आए, ने इस अभियान को भ्रष्टाचार मुक्त इराक बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया है। संसदीय प्रतिरक्षा हटाकर कई सांसदों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें अल-अज्म गठबंधन के नेता मुथन्ना अल-सामराई भी शामिल हैं।
पृष्ठभूमि और प्रभाव
इराक लंबे समय से भ्रष्टाचार की समस्या से जूझ रहा है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के Corruption Perceptions Index में देश निचले पायदान पर रहा है। नई सरकार इस छवि को बदलने और खोए हुए अरबों डॉलर को वसूलने की कोशिश कर रही है। गिरफ्तारियों में तेल मंत्रालय के पूर्व अधिकारी और अन्य प्रभावशाली व्यक्ति शामिल हैं। विश्लेषकों का कहना है कि हालांकि अभियान सकारात्मक है, लेकिन इसे राजनीतिक प्रतिशोध न बनने देने की जरूरत है। सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहें जनता में आक्रोश तो बढ़ा रही हैं, लेकिन बिना पुष्टि के दावे विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं। इराक सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है, जो लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। हिंद अल-अब्बासी सहित सभी मामलों में जांच पूरी होने तक संयम बरतना चाहिए। सोशल मीडिया पर वायरल ‘सोने के अंडरगारमेंट्स’ जैसे दावे आकर्षक लगते हैं, लेकिन आधिकारिक स्रोतों और फैक्ट-चेक के बिना इन्हें सच न मानें। अभियान जारी है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

