गौर सिटी-2 में भावुक शोकसभा, ट्विशा के परिजनों को CBI जांच पर भरोसा

न्याय की उम्मीद जिंदा है, पति समर्थ और पूर्व जज सास गिरिबाला 2 जून तक CBI रिमांड पर

नोएडा के गौर सिटी-2 स्थित 16 एवेन्यू सोसाइटी में शनिवार को दिवंगत ट्विशा शर्मा की स्मृति में आयोजित शोकसभा में गहरे दुख और संवेदनाओं का ज्वार उमड़ पड़ा। सोसाइटी निवासियों और शुभचिंतकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति के बीच यह शोकसभा अत्यंत भावुक माहौल में संपन्न हुई। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी और परिवार के लिए धैर्य एवं शक्ति की प्रार्थना की। इस अवसर पर ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा और भाई ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सीबीआई की कार्रवाई से वे फिलहाल संतुष्ट हैं और उन्हें पूरी उम्मीद है कि एजेंसी निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से जांच कर सच्चाई सामने लाएगी। नवनिधि शर्मा ने भावुक होते हुए कहा, “न्याय की इस लड़ाई में आम जनता का साथ ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। लोगों का समर्थन परिवार को मानसिक संबल दे रहा है।”

क्या है पूरा मामला?

33 वर्षीया ट्विशा शर्मा की 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनके पति समर्थ सिंह ने दावा किया था कि ट्विशा ने रात 10 बजकर 20 मिनट पर घर पर खुद को फांसी लगा ली, जिसके बाद वह उन्हें एम्स भोपाल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मायके वालों ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और हत्या के लिए उकसाने जैसे गंभीर आरोप लगाए। परिवार का दावा है कि शादी के बाद से ही ट्विशा को परेशान किया जाता था और उससे महंगी कार व बड़ी रकम की मांग की जा रही थी। ट्विशा ने अपने पिता को यह भी बताया था कि उनका पति घर खर्च के लिए पैसे नहीं देता था, जिसके बाद पिता ने बेटी के खाते में ऑनलाइन रकम भेजी थी। 

CBI की एंट्री और कड़ी कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद सीबीआई ने स्थानीय पुलिस से केस के दस्तावेज हासिल कर नई एफआईआर दर्ज कर ली। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सीबीआई इस पूरे मामले की जांच अपने हाथ में ले रही है। राज्य पुलिस से मामला अपने हाथ में लेने के बाद सीबीआई ने एफआईआर को फिर से दर्ज किया। एजेंसी की स्पेशल क्राइम यूनिट भोपाल पहुंची और पिछली एसआईटी जांच के दौरान इकट्ठा किए गए दस्तावेज, फोरेंसिक रिपोर्ट और सबूत अपने कब्जे में लिए। सीबीआई ने केस हाथ में लेते ही कड़ा रुख अपनाया और पति समर्थ सिंह को पहले गिरफ्तार किया, जबकि पूर्व जज गिरिबाला सिंह से घंटों की मैराथन पूछताछ के बाद उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया। 

पूर्व जज उसी अदालत में खड़ीं जहां सुनाते थे फैसले

भोपाल की विशेष अदालत में पेशी के दौरान सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि जिस अदालत में गिरिबाला सिंह न्यायाधीश के रूप में फैसले सुनाती थीं, उसी अदालत में उन्हें आरोपी के रूप में पेश किया गया। भोपाल की स्पेशल कोर्ट की जज शोभना भलावे की बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दोनों आरोपियों को 2 जून 2026 तक सीबीआई की कस्टडी में भेज दिया।

‘टनल व्यू’ तकनीक से खुलेंगे राज

सीबीआई ने ट्विशा के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में उनके आखिरी घंटों को वर्चुअली दोबारा तैयार करने के लिए एडवांस ‘टनल व्यू’ जांच तकनीक का इस्तेमाल किया है। इसके तहत सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन डेटा, वाई-फाई लॉग्स, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स और कमरों की फोरेंसिक मैपिंग को मिलाकर घर की एक वर्चुअल तस्वीर तैयार की जा रही है।मामले में एक और अहम सूत्र यह भी है कि ट्विशा की मौत के एक दिन बाद उनकी सास गिरिबाला सिंह ने न्यायपालिका से जुड़ी कुछ शख्सियतों सहित कई अन्य लोगों से फोन पर बात की थी, जिनमें दो अतिरिक्त जिला जज, कई डॉक्टर, वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित थाने के एसएचओ शामिल थे। इन कॉल रिकॉर्ड्स की भी सीबीआई जांच कर रही है।

समाज की एकजुटता बनी परिवार का सहारा

शोकसभा में उमड़ी भीड़ और लोगों की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि समाज इस दुखद घटना को लेकर संवेदनशील है और पीड़ित परिवार के साथ एकजुट होकर खड़ा है। सोसाइटी के निवासियों ने कहा कि वे इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं और न्याय मिलने तक उनका साथ जारी रहेगा। गौर सिटी-2 थाना बिसरख क्षेत्र के अंतर्गत आता है। ट्विशा शर्मा नोएडा की रहने वाली थीं और उनकी मौत ने देशभर में दहेज प्रताड़ना के खिलाफ व्यापक आक्रोश पैदा किया है। अब सबकी निगाहें 2 जून को होने वाली अदालती पेशी पर टिकी हैं, जब सीबीआई रिमांड के दौरान हुई पूछताछ के परिणाम सामने आने की उम्मीद है।

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