अमेरिकी राजनीति: ट्रंप की राजनीति, AI नीति और पोलैंड में सेना

केंटकी में ट्रंप की बड़ी जीत थॉमस मैसी का सियासी करियर खत्म

अमेरिकी राजनीति: अमेरिकी राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला जब केंटकी के चौथे कांग्रेसनल जिले में रिपब्लिकन प्राइमरी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थित उम्मीदवार एड गॉलरेन ने सात बार के सांसद थॉमस मैसी को करारी शिकस्त दी। ट्रंप द्वारा समर्थित एड गॉलरेन एक किसान और पूर्व नेवी सील ने मैसी को अमेरिकी इतिहास के सबसे महंगे हाउस प्राइमरी में हराया। इस चुनाव में 3.2 करोड़ डॉलर से अधिक का विज्ञापन खर्च हुआ। मैसी ईरान युद्ध, ट्रंप के खर्च पैकेज और एपस्टीन फाइलों जैसे मुद्दों पर ट्रंप से असहमत रहे थे, जिससे वे ट्रंप की आँखों में खटकते रहे।गॉलरेन ने अपने पूरे अभियान में यह स्पष्ट किया था कि वे राष्ट्रपति के एजेंडे का पूरी तरह समर्थन करेंगे। पराजय के बाद मैसी ने समर्थकों से भरे हॉल में कहा, “14 वर्षों तक वाशिंगटन के उन बदमाशों ने मेरा वोट खरीदने की कोशिश की, पर खरीद नहीं सके। इस बार उन्होंने सीट ही खरीद ली।” गॉलरेन अब नवंबर में डेमोक्रेट मेलिसा स्ट्रेंज से मुकाबला करेंगे, हालाँकि यह सीट रिपब्लिकन के लिए सुरक्षित मानी जाती है।

ट्रंप ने AI कार्यकारी आदेश अंतिम क्षण में रद्द किया टेक उद्योग के दबाव का असर

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की नीति पर एक नाटकीय घटनाक्रम में राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बड़े एआई कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने की योजना उस दिन रद्द कर दी, जिस दिन व्हाइट हाउस में इसके लिए विशेष समारोह रखा गया था। टेक उद्योग के नेताओं ने राष्ट्रपति से अंतिम समय में फ़ोन पर बात कर चेतावनी दी कि प्रस्तावित सुरक्षा जाँच प्रणाली एआई के विकास को बाधित कर सकती है। ट्रंप ने समारोह रद्द करते हुए कहा कि उन्हें आदेश के “कुछ पहलू पसंद नहीं आए।” व्हाइट हाउस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि आदेश के किन बिंदुओं पर आपत्ति है और अंतिम संस्करण कब हस्ताक्षरित होगा।  ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें चिंता थी कि यह आदेश एआई प्रौद्योगिकी में अमेरिका की बढ़त को कमजोर कर सकता है। यह घटना दर्शाती है कि सिलिकॉन वैली के दिग्गजों का ट्रंप प्रशासन पर कितना प्रभाव है।

ट्रंप का यू-टर्न पोलैंड में 5,000 अमेरिकी सैनिक भेजने का ऐलान

राष्ट्रपति ट्रंप ने पोलैंड को लेकर अपनी ही नीति पर पलटी मारते हुए गुरुवार को घोषणा की कि वे पोलैंड में 5,000 अमेरिकी सैनिक भेज रहे हैं जबकि मात्र एक सप्ताह पहले पेंटागन ने इसी तरह के तैनाती को रोकने की घोषणा की थी। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट में कहा, “पोलैंड के नए राष्ट्रपति करोल नवरोकी जिनका मैंने समर्थन किया था — के चुनाव के बाद यह फैसला किया। अमेरिका पोलैंड को 5,000 अतिरिक्त सैनिक भेजेगा।” पिछले हफ्ते पेंटागन ने घोषणा की थी कि पोलैंड जाने वाली 4,200 सैनिकों की ब्रिगेड तैनात नहीं होगी — यह तब था जब उनका सामान वहाँ पहुँच चुका था और महीनों की ट्रेनिंग हो चुकी थी।

एक पोलिश अधिकारी ने बताया कि पोलैंड सरकार ने वाशिंगटन में एक “राजनयिक आक्रमण” चलाया, जिसने सैनिकों की कटौती की योजना को पलटने में मदद की। हालाँकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ये सैनिक कहाँ से और कब आएंगे।गौरतलब है कि ट्रंप ने हाल ही में जर्मनी से भी 5,000 अमेरिकी सैनिक वापस बुलाने की घोषणा की थी, जो जर्मन चांसलर के ईरान युद्ध पर बयानों के बाद लिया गया फैसला था। ये सभी घटनाएँ अमेरिकी राजनीति के बदलते समीकरणों की ओर संकेत करती हैं चाहे वह ट्रंप की पार्टी पर पकड़ हो, टेक लॉबी का प्रभाव हो, या NATO में बदलती रणनीति।

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