नोएडा सेक्टर-100 स्थित प्रमुख आवासीय सोसायटी लोटस बुलेवार्ड के 28वें टावर के 27वें फ्लोर पर शुक्रवार रात हुई भीषण आग से दसों परिवारों में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार आग एक लग्ज़री अपार्टमेंट के अंदर लगे एयर‑कंडिशनर के कंप्रेसर में दबाव बढ़ने और शॉर्ट‑सर्किट के कारण भड़क उठी, जिसने देखते ही देखते पूरे फ्लैट को जला डाला। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, पर संपत्ति का बड़ा नुकसान हुआ है।
घटना व बचाव कार्य
सोसायटी निवासियों के अनुसार आग शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे शुरू हुई। महक के साथ अचानक पलक झपकते ही तेज धुआँ और लपटें उभर आईं, जिससे पास‑पड़ोस में भय फैल गया और लोग घरों से बाहर निकल आए। आसपास के लोगों ने शुरुआती मिनटों में बाल्टियों और पाइप से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, जबकि कुछ ने आनन‑फानन में फ्लैट में रखी जरूरी वस्तुएं बाहर निकालीं। रात 10:40 बजे दमकल टीम को सूचित किया गया। प्रमुख अग्निशमन अधिकारी प्रदीप चौबे के निर्देश पर फायर तेंडर की तीन गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। अग्निशमन अधिकारी राहुल गौतम ने बताया कि दमकलकर्मियों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्रवाई शुरू कर दी। ऊँचाई पर आग पकड़ने के कारण प्राथमिक चरण में कार्रवाई चुनौतीपूर्ण रही, लेकिन सोसायटी में लगे स्वचालित फायर सेफ्टी सिस्टम और उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनके चलते आग को अन्य फ्लैटों तक फैलने से रोककर नियंत्रण में लिया जा सका और करीब रात 11 बजे तक स्थिति सामान्य कर दी गई।
नुकसान और वजह
प्रारंभिक मुआयने में आग के कारण फ्लैट में रखा महंगा फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान और घरेलू सामग्री बड़ी संख्या में जलकर राख हो गईं। निवासियों और सोसायटी प्रबंधन के अनुमानानुसार नुकसान करोड़ों रुपये तक हो सकता है; फिलहाल सही आकलन के लिए टीम आकलन कर रही है। अग्निशमन विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि फ्लैट के AC कंप्रेसर पर दबाव बढ़ने से शॉर्ट‑सर्किट हुआ, जिससे आग भड़क उठी। जांच के बाद ही आग लगने की ठीक‑ठीक तकनीकी वजहों का खुलासा होगा।
प्रशासनिक और सोसायटी प्रतिक्रिया
घटना के तुरंत बाद सोसायटी प्रबंधन और सुरक्षा कर्मी राहत कार्य में जुट गए। सोसायटी के एक निवासी ने कहा, “यदि फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम ठीक से काम न करते तो परिणाम और भयावह हो सकता था। राहत टीम और पड़ोसियों की मदद से ही बड़ा हादसा टला।” दूसरी ओर कई निवासियों ने सोसायटी की फायर‑सेफ्टी तैयारियों और नियमित जांचों पर सवाल उठाए हैं और कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नियमित रखरखाव व सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन जरूरी है।
आगे की कार्रवाई
दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन घटना की विस्तृत जांच कर रहे हैं। फायर ब्रिगेड की टीम घटनास्थल पर पड़े मलबे व जल चुके सामान का निरीक्षण कर रही है और बिजली, एसी यूनिट व अन्य उपकरणों के फोरेंसिक परीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। थाना स्थानीय ने भी प्राथमिकी दर्ज कर जांच जुटा दी है। सोसायटी प्रबंधन को कहा गया है कि वह सभी निवासियों को सुरक्षा निर्देश उपलब्ध कराए और प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करे। परिणामस्वरूप राहत की बड़ी बात यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, पर संपत्ति को हुए नुकसान ने सुरक्षा व्यवस्था और बिजली‑उपकरणों की नियमित जांच की आवश्यकता पर गंभीर सवाल उठा दिए हैं। दमकल विभाग ने निवासियों से आग लगने पर प्राथमिक सुरक्षा नियमों का पालन करने और किसी भी असामान्य बिजली आवाज़ या धुआँ महसूस होते ही तुरंत 101 पर सूचना देने के लिए आग्रह किया है।

