Sriganganagar gang rape case: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में एक 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ पांच दिनों तक चली सामूहिक दुष्कर्म और मानव तस्करी की जघन्य घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस के अनुसार, ई-रिक्शा चालक द्वारा अगवा की गई बच्ची को व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए चलाए जा रहे देह व्यापार रैकेट में फंसाया गया और विभिन्न होटलों में नशा देकर 30-32 लोगों ने उसके साथ दरिंदगी की। हाल ही में श्रीगंगानगर में सामने आए नाबालिग रेप मामले को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही तमाम खबरें पूरी तरह से आधारहीन और भ्रामक हैं। जिला प्रशासन और पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 13 वर्षीय पीड़िता पूरी तरह सुरक्षित है और अपने परिवार के साथ है।
अस्पताल और मौत की खबरों का खंडन
सोशल मीडिया पर पीड़िता के अस्पताल में भर्ती होने या उसकी मृत्यु को लेकर जो वीडियो और पोस्ट प्रसारित किए जा रहे हैं, वे पूरी तरह से फर्जी हैं। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे इन अफवाहों पर बिल्कुल भी ध्यान न दें और न ही ऐसी भ्रामक सूचनाओं को आगे बढ़ाएं।
घटना का पूरा क्रम
18 जून से 22 जून के बीच यह वारदात हुई। पीड़िता विजयनगर में अपने इंस्टाग्राम दोस्त से मिलने गई थी। लौटते समय देर हो जाने पर श्रीगंगानगर बस स्टैंड से उसने ई-रिक्शा लिया। चालक ने उसे बहला-फुसलाकर होटल में ले जाकर बंधक बना लिया। वहां से बच्ची को अलग-अलग होटलों में शिफ्ट किया गया, जहां उसे नशीला पदार्थ देकर लगातार शोषण किया गया। 23 जून को पुलिस की छापेमारी में बच्ची को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। पुलिस और प्रशासन ने पीड़िता की सुरक्षा और काउंसलिंग पर विशेष ध्यान दिया है। अतिरिक्त एसपी कैलाश दान सहित अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है और परिवार के साथ है। सोशल मीडिया पर उसकी मौत या अस्पताल में भर्ती होने की अफवाहें तथा फर्जी वीडियो पूरी तरह आधारहीन हैं। ऐसे भ्रामक कंटेंट फैलाने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियां
20 से अधिक गिरफ्तार: मुख्य आरोपी ई-रिक्शा चालक रामबाबू, होटल मालिक मयंक सैन, मैनेजर हरदीप नाथ, सचिन समेत 18-20 आरोपियों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है।
32 आरोपी नामजद: पूरे रैकेट में करीब 32 लोगों के शामिल होने का आरोप है। SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) की जांच जारी है और बाकी आरोपियों की तलाश में तेजी लाई गई है।
गंभीर धाराएं: POCSO एक्ट, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट, मानव तस्करी और देह व्यापार की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
प्रशासन का सख्त रुख
घटना स्थल रहे होटल खूंगर, जॉय इन, होटल सफायर और एक अन्य होटल समेत चार अवैध होटलों पर प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया। जिला मजिस्ट्रेट को पूरे जिले के अपंजीकृत होटलों की जांच कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
NCW का हस्तक्षेप
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए जिला कलेक्टर और एसपी से 15 दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने फॉरेंसिक, मेडिकल और पुलिस टीमों के बीच बेहतर समन्वय तथा फास्ट-ट्रैक जांच की मांग की है।
सेलिब्रिटी और जनता का आक्रोश
मामले ने देशव्यापी आक्रोश पैदा कर दिया है। सोनू सूद, मीरा चोपड़ा समेत कई हस्तियों ने दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की है। पुलिस अपील: जनता से आग्रह है कि पीड़िता की पहचान उजागर न करें और फर्जी खबरों से बचें। जांच जारी है और दोषियों को किसी भी कीमत पर सजा दिलाई जाएगी। यह मामला बाल सुरक्षा, अवैध होटल व्यवस्था और मानव तस्करी रैकेट पर सवाल खड़े करता है। प्रशासन और पुलिस की तेज कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन पूरे रैकेट का पूरी तरह खुलासा और न्याय की सुनिश्चितता अब चुनौती है।

