Hate speech against PM Modi at Jantar Mantar protest: नोएडा: राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर हालिया छात्र प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी स्वर्गीय माता के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किए जाने के मामले में नोएडा की वकील स्मृति सिंह चंदेल ने FIR दर्ज कराई है। नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में शून्य संख्या (जीरो) FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सुप्रीम कोर्ट की वकील स्मृति सिंह चंदेल ने इंस्टाग्राम रील के जरिए इस जानकारी को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने उन आंदोलनकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है, जिन्होंने प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक मंच से प्रधानमंत्री और उनकी माता के खिलाफ गंदी व अभद्र भाषा का प्रयोग किया। वकील ने कहा, “मैं नहीं चाहती कि मेरे बच्चे सोशल मीडिया पर इस प्रकार की भाषा सुनें। हम हिंदुस्तान में रहते हैं, संस्कारों में पले-बढ़े हैं। किसी को भी इस तरह बेइज्जत नहीं किया जा सकता।”
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द बोले गए, जिससे उनके संवैधानिक पद की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई। यह टिप्पणी जानबूझकर की गई थी और इसका उद्देश्य सामाजिक सौहार्द को भंग करना तथा सार्वजनिक शांति बिगाड़ना था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान रिकॉर्ड किए गए वीडियो, सोशल मीडिया पर साझा की गई क्लिप्स और अन्य डिजिटल प्रमाणों की तफ्तीश की जा रही है। सभी इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की पड़ताल के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वकील ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस बीच दिल्ली पुलिस ने भी प्रधानमंत्री और अन्य संवैधानिक पदाधिकारियों के खिलाफ इंटरनेट व सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक सामग्री के मामले में FIR दर्ज की है। पुलिस ने एक्स और अन्य प्लेटफॉर्म्स को पत्र भेजकर ऐसे पोस्ट हटाने तथा यूजर्स की जानकारी साझा करने का अनुरोध किया है। पुलिस का मानना है कि ऐसी सामग्री प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा और सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा सकती है तथा कानून-व्यवस्था पर असर डाल सकती है।
दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि जंतर मंतर में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सामान्यतः कठोर कदम नहीं उठाए जाएंगे। हालांकि, जिन पर आपराधिक आरोप हैं या पहले से मुकदमे दर्ज हैं, उनके लिए यह छूट लागू नहीं होगी। हिरासत में लिए गए किसी भी प्रदर्शनकारी के मामले की समीक्षा सर्वोच्च अदालत के निर्देशों के अनुरूप की जाएगी। जंतर मंतर पर हाल के दिनों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए हैं, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई है। सुप्रीम कोर्ट के नियमों और पुलिस प्रक्रियाओं के अनुसार शांतिपूर्ण व अनुमोदित सभाओं की अनुमति बनी हुई है। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई सबूतों के आधार पर तय होगी।

