मोदी-पुतिन की अहम बैठक, 2030 तक 100 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य; ब्रिक्स देशों ने भारत में निवेश और कारोबार की संभावनाओं पर जताया भरोसा
BRICS Summit 2026 : नई दिल्ली : भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचे, कौशल विकास और तकनीकी सहयोग को लेकर सदस्य देशों ने भारत की बढ़ती आर्थिक भूमिका पर भरोसा जताया है। रूस, मिस्र और अन्य ब्रिक्स व ब्रिक्स प्लस देशों के प्रतिनिधियों ने भारत को वैश्विक दक्षिण के बीच आर्थिक सहयोग का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए कहा कि सम्मेलन से कारोबारी साझेदारी और संयुक्त परियोजनाओं को नई गति मिल सकती है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक की और दोनों देशों के बीच आर्थिक व रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।

मोदी ने पुतिन को भेंट की ‘तिरुक्कुरल’
भारत मंडपम में हुई मोदी-पुतिन बैठक की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी द्वारा रूसी राष्ट्रपति को महान तमिल कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर की अमर कृति ‘तिरुक्कुरल’ के रूसी अनुवाद की प्रति भेंट करने से हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कृति तिरुवल्लुवर की शाश्वत बुद्धिमत्ता को भाषाओं और सीमाओं के पार पहुंचाती है। ‘तिरुक्कुरल’ में 1,330 दोहे हैं और यह सदाचार, समृद्धि तथा प्रेम पर आधारित सार्वभौमिक शिक्षाओं के लिए प्रसिद्ध है। BRICS Summit 2026
100 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य
बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-रूस संबंधों की प्रगति की समीक्षा की। राजनीति, अर्थव्यवस्था, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, परिवहन और जन-से-जन संपर्क सहित कई क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। रेल और सुरंग निर्माण में औद्योगिक सहयोग, इस्पात मूल्य श्रृंखला के विकास, बी2बी अवसरों के विस्तार और रूसी बाजार में भारतीय कंपनियों की पहुंच बढ़ाने जैसे विषय भी बातचीत के केंद्र में रहे। BRICS Summit 2026
ब्रिक्स में भारत की आर्थिक ताकत पर भरोसा
ब्रिक्स सम्मेलन से इतर आयोजित कारोबारी चर्चाओं में भी भारत की आर्थिक क्षमता और निवेश संभावनाओं की सराहना हुई। रूस की कंपनी जीएसबीआई लिमिटेड के संस्थापक एवं सीईओ अलेक्जेंडर कोकोव ने कहा कि नई दिल्ली में आयोजित सम्मेलन सकारात्मक ऊर्जा से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि बी2बी बैठकों ने विभिन्न देशों के उद्यमियों को सीधे संवाद का अवसर दिया है। उन्होंने भारतीय उद्योग मंडल फिक्की की भूमिका की भी सराहना की और कहा कि रूस और भारत के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक विकास की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
बी2बी बैठकों से बढ़ेंगे कारोबारी अवसर
कोकोव ने कहा कि ग्लोबल साउथ बिजनेस इनोवेशंस और एमआईसीई उद्योग ब्रिक्स देशों की आर्थिक क्षमता को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कारोबारी सम्मेलन, प्रदर्शनियां और प्रत्यक्ष संवाद सदस्य देशों के बीच सहयोग को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने का माध्यम बन सकते हैं।
रूस की स्किल डेवलपमेंट एजेंसी की उप निदेशक अलीना सिंह ने ब्रिक्स को विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं, संस्कृतियों और विचारों का अनूठा समूह बताया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग पृष्ठभूमि वाले देश साझा चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए एक साथ आ सकते हैं। सदस्य देशों के अनुभव और विशेषज्ञताओं का आदान-प्रदान सामूहिक विकास को गति दे सकता है। BRICS Summit 2026
‘मेक इन इंडिया’ और निवेश पर जोर
रशियन हेलीकॉप्टर्स ग्रुप के अंतरराष्ट्रीय विपणन प्रबंधक मैक्सिम एंड्रियानोव ने भारत की अध्यक्षता और मेजबानी की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष ब्रिक्स सहयोग बेहद उपयोगी रहा है और सम्मेलन के दौरान कई नए कारोबारी संपर्क बने हैं। विभिन्न परियोजनाओं पर चर्चा शुरू हुई है और ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल ने भी सहयोग बढ़ाने में प्रभावी भूमिका निभाई है।
‘मेक इन इंडिया’ पर चर्चा करते हुए एंड्रियानोव ने कहा कि जिन परियोजनाओं पर इसकी शर्तें लागू होती हैं, वे उसी ढांचे के तहत संचालित होती हैं। वहीं व्यावसायिक क्षेत्र में कंपनियां लागत, दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मकता को ध्यान में रखकर फैसले लेती हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश की संभावनाएं
प्रिस्टीन लॉजिस्टिक्स एंड इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड की बिजनेस डेवलपमेंट प्रमुख परोमा मुंशी रेबेलो ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर सीधे निवेश से जुड़ा क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि वर्षों से चल रही बैठकों और चर्चाओं के ठोस परिणाम अब जमीन पर दिखाई देने चाहिए। मिस्र, इथियोपिया और इंडोनेशिया जैसे ब्रिक्स प्लस देशों में भी निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान देने की जरूरत है। BRICS Summit 2026
कृषि, तकनीक और वित्त में सहयोग की उम्मीद
मिस्र की संस्था इस्क्रा मेडेन फॉर इन्वेस्टमेंट एंड एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट के प्रतिनिधि इस्लाम सालेम ने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं और निजी क्षेत्र इसमें निर्णायक भूमिका निभा सकता है। कृषि, तकनीक और वित्त सहित कई क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं, निवेश और तकनीकी सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं।
BRICS Summit 2026: भारत-रूस रिश्तों को बताया बेहद करीबी
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने भारत और रूस के संबंधों को बेहद करीबी बताते हुए मोदी-पुतिन रिश्तों को व्यावहारिक करार दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों नेता वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर खुलकर तथा रचनात्मक तरीके से चर्चा करते हैं। इससे दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर खुल रहे हैं।
भारत की अध्यक्षता में हो रहा ब्रिक्स सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित किया जा रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यापार व्यवस्था तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रही है। सम्मेलन में भारत की आर्थिक क्षमता, निवेश के अवसर और ग्लोबल साउथ के बीच सहयोग को लेकर सामने आया भरोसा बताता है कि नई दिल्ली वैश्विक आर्थिक और कूटनीतिक मंच पर अपनी भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। साथ ही भारत-रूस के बीच 2030 तक 100 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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