Chhijarsi electricity connection protest: बिजली कटने पर छिजारसी गोल चक्कर जाम, 6 सितंबर को होगी महापंचायत

Chhijarsi electricity connection protest: सेक्टर-63 के छिजारसी और चोटपुर के डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन काटे जाने के विरोध में रविवार को बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए। पुलिस से नोकझोंक और जाम के बाद अब भारतीय किसान परिषद ने 6 सितंबर को पुश्ता रोड पर महापंचायत बुलाने का ऐलान किया है।

नोएडा के हिंडन नदी डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन काटे जाने के मामले में विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। रविवार को सेक्टर-63 थाने के सामने स्थित छिजारसी गोल चक्कर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए और विद्युत निगम के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। चोटपुर-बहलोलपुर क्षेत्र के निवासियों ने दोबारा कनेक्शन जोड़ने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया, जिससे सड़क पर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस से प्रदर्शनकारियों की तीखी नोकझोंक भी हुई, बाद में पुलिस ने सड़क खाली कराकर यातायात सुचारू कराया।

इसी को लेकर भारतीय किसान परिषद ने 6 सितंबर को पुश्ता रोड पर महापंचायत बुलाने का ऐलान किया है। इसकी तैयारियों को लेकर ग्रीन पार्क, गढ़ी चौखंडी समेत कई जगहों पर बैठकें हो चुकी हैं। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा के मुताबिक इलाके में करीब ढाई लाख लोग बिजली की समस्या से प्रभावित हैं। उनका आरोप है कि पूर्व में वैध रूप से दिए गए हजारों कनेक्शन भी काट दिए गए हैं, जबकि कई निवासियों की जमीन की रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज तक हो चुकी है। वहीं विधायक पंकज सिंह ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय और उच्च अधिकारियों से बातचीत की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन कॉलोनियों में वर्षों से बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं मौजूद हैं, और अचानक कनेक्शन काटे जाने से हजारों परिवार बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

13 हजार अवैध कनेक्शन का खुलासा, अब तक 3 हजार से ज्यादा कटे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान और फटकार के बाद विद्युत निगम ने डूब क्षेत्र में अवैध बिजली कनेक्शनों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। जांच में सामने आया कि छिजारसी-चोटपुर इलाके में सिर्फ करीब 3,800 वैध कनेक्शन हैं, जबकि इनके मुकाबले करीब 13 हजार अवैध कनेक्शन चलाए जा रहे थे। आरोप है कि एक निजी सिंडिकेट प्राइवेट मीटर और नेटवर्क के जरिए लोगों तक बिजली पहुंचाकर हर महीने बड़ी रकम वसूल रहा था। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, अगर प्रति कनेक्शन न्यूनतम 1 हजार रुपये भी वसूले जाते रहे हों तो यह रकम करीब 1.30 करोड़ रुपये प्रति माह तक बैठती है। अधिकारियों के अनुसार यह इलाका 2017 से नए वैध कनेक्शन के लिए बंद है, बावजूद इसके यहां अनधिकृत ढंग से बिजली आपूर्ति जारी रखी गई। अब तक अभियान में 3 हजार से ज्यादा अवैध कनेक्शन काटे जा चुके हैं और 10 ट्रांसफॉर्मर जब्त किए गए हैं। रविवार को छिजारसी और परथला गांव में विद्युत निगम और प्रवर्तन दल की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा।

एक कनेक्शन से 80 से ज्यादा लोगों को बिजली देने का आरोप

परथला गांव में जांच के दौरान विद्युत निगम को 200 केवीए का एक कनेक्शन मिला, जिससे कथित तौर पर 80 से अधिक लोगों को अवैध तरीके से बिजली दी जा रही थी। जांच में यह भी सामने आया कि उपभोक्ताओं से 11 रुपए प्रति यूनिट और 300 रुपए प्रति किलोवाट के हिसाब से रकम वसूली जा रही थी। निगम ने कनेक्शन काटकर केबल और अन्य सामान जब्त कर लिया। बिजली चोरी के आरोप में अब तक 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है।

बिजली कटने से पानी का संकट भी गहराया

बिजली आपूर्ति ठप होने के बाद कॉलोनियों में पानी का संकट भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक यहां सरकारी जलापूर्ति व्यवस्था नहीं है और ज्यादातर परिवार सबमर्सिबल पंप पर निर्भर हैं। बिजली न होने से पंप बंद पड़े हैं, कुछ परिवार बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर हैं तो कई टैंकर मंगाकर जरूरत पूरी कर रहे हैं।

लोगों का सवाल- रजिस्ट्री हुई तो कार्रवाई क्यों?

स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर डूब क्षेत्र में निर्माण और रहना प्रतिबंधित है, तो यहां जमीन की रजिस्ट्री कैसे हुई और खरीद-फरोख्त पर राजस्व व स्टांप शुल्क क्यों वसूला गया। लोगों का यह भी तर्क है कि कॉलोनियों में इतना बड़ा बिजली ढांचा बिना अधिकारियों की जानकारी के तैयार होना संभव नहीं है, ऐसे में अचानक कनेक्शन काटे जाने से हजारों परिवारों के सामने रोजी-रोटी और बुनियादी सुविधाओं का संकट खड़ा हो गया है।

निगम बोला- अवैध कनेक्शन बंद होते रहेंगे

विद्युत निगम के मुख्य अभियंता एसके जैन ने कहा कि डूब क्षेत्र में बिजली चोरी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उनके मुताबिक अवैध कनेक्शन काटे जाते रहेंगे और बिजली चोरी करने व कराने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। अब सबकी नजरें 6 सितंबर की महापंचायत पर टिकी हैं। भारतीय किसान परिषद ने साफ किया है कि महापंचायत में लोगों की समस्याएं शासन-प्रशासन और विद्युत निगम के सामने रखी जाएंगी और समाधान न होने पर धरना-प्रदर्शन व आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। परिषद ने किसानों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से बड़ी संख्या में महापंचायत में पहुंचने की अपील की है।

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