Agra Train Case: चेन्नई/आगरा, तमिलनाडु एक्सप्रेस में लाल सूटकेस में महिला के सड़े-गले शरीर के टुकड़े मिलने वाले सनसनीखेज मामले में पुलिस की जांच ने एक भयावह अध्याय खोल दिया है। सीसीटीवी फुटेज और रेलवे रिकॉर्ड का पीछा करते हुए जांचकर्ता चेन्नई के गुडुवांचेरी इलाके में एक किराए के घर तक पहुंच गए, जिसे अब ‘हाउस ऑफ हॉरर्स’ कहा जा रहा है। वहां से अतिरिक्त शरीर के अवशेष बिरयानी पकाने वाले बड़े बर्तन में बरामद हुए हैं। पीड़िता की पहचान हो चुकी है, जबकि दो संदिग्ध फरार हैं और ओडिशा में उनकी तलाश जारी है।
6 अगस्त (कुछ रिपोर्टों में 5 अगस्त सुबह) को आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर तमिलनाडु एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12621) के जनरल कंपार्टमेंट में एक लाल ट्रॉली बैग/सूटकेस से दुर्गंध आ रही थी। रेलवे कर्मचारियों और यात्रियों की शिकायत पर खोलने पर अंदर सिररहित, विघटित महिला शरीर के टुकड़े मिले। आगरा रेलवे पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और तमिलनाडु पुलिस से मदद मांगी।
जांच में सूटकेस के अंदर ‘चेन्नई’ लिखा पॉलीथीन बैग और अन्य सुराग मिले। चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म 4 समेत 350 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच में एक पुरुष और महिला को लाल सूटकेस लेकर स्टेशन में प्रवेश करते, ट्रेन में चढ़ते और सूटकेस छोड़कर उतरते देखा गया। ट्रेन चेन्नई से दिल्ली की ओर रवाना हुई थी। दोनों पार्क स्टेशन से सबअर्बन ट्रेन से गुडुवांचेरी गए और ऑटो से मस्जिद स्ट्रीट (मसूती स्ट्रीट) इलाके में पहुंचे।
पुलिस टीम ने गुडुवांचेरी के किराए के घर का पता लगाया। घर बंद मिला। पड़ोसियों से पूछताछ में पता चला कि वहां ओडिशा और असम से आए लोग रह रहे थे। तलाशी में बड़े बिरयानी के बर्तन में मैदा, सब्जियां और महिला शरीर के टुकड़े मिले। जांचकर्ताओं के अनुसार, पीड़िता के शरीर को छत/पंखा से लटकाकर टुकड़े किए गए होंगे। अवशेष नष्ट करने के लिए उन्हें बिरयानी के बर्तन में पकाने की कोशिश की गई थी। सिर अभी भी गायब है।
पीड़िता की पहचान हयातुन निशा (या हैदुल निशा/हयात निशा) के रूप में हुई है। 38 वर्षीय महिला जगतसिंहपुर (ओडिशा) की रहने वाली थीं। पति जहूर खान। वे चेन्नई में प्राइवेट फर्म (तांबरम के पास एक्सपोर्ट कंपनी) में काम करती थीं। उनके बेटे ने लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। बेटा तांबरम क्षेत्र में एसी मैकेनिक के रूप में काम करता है।
संदिग्ध मानिक उद्दीन लस्कर (असम) और भगवती माझी/भगमती माजिक (ओडिशा) बताए गए हैं। पुलिस का मानना है कि तीनों एक साथ किराए के घर में रह रहे थे। संदिग्ध जोड़ा फरार हो गया है। मोबाइल सिग्नल ट्रैक करके पता चला कि वे ओडिशा भाग गए। तीन स्पेशल टीमें उन्हें गिरफ्तार करने ओडिशा भेजी गई हैं। मकसद अभी स्पष्ट नहीं है। फॉरेंसिक जांच, पोस्टमार्टम और डीएनए टेस्ट जारी हैं। गुडुवांचेरी पुलिस और आगरा रेलवे पुलिस संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं। यह मामला चेन्नई में हाल के अन्य शरीर-टुकड़े संबंधी अपराधों की याद दिलाता है, लेकिन सीसीटीवी ट्रेल और घर से मिले सबूत ने इसे तेजी से आगे बढ़ाया है। पुलिस ने संदिग्धों के सीसीटीवी फुटेज जारी किए हैं और जनता से सूचना मांगी है। जांच अभी जारी है। सिर की तलाश और मकसद का पता लगाने पर फोकस है।

