ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक सेक्टरों में अप्रैल से बंद काम! उद्यमियों ने गिनाईं समस्याएं, CEO ने दिए समाधान के निर्देश

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. बलकार सिंह ने सोमवार को ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक सेक्टरों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सड़कों, नालियों और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति देखी। इसके बाद उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं।

अप्रैल से काम बंद होने पर उद्यमियों ने जताई नाराजगी

निरीक्षण के बाद हुई बैठक में आईबीए, आईईए और आईआईए ग्रेनो चैप्टर समेत कई उद्यमी संगठनों के प्रतिनिधियों ने औद्योगिक सेक्टरों की समस्याएं सीईओ के सामने रखीं। उद्यमियों ने बताया कि सेक्टरों में विकास कार्य शुरू तो हुए थे, लेकिन अप्रैल माह से कई काम बंद पड़े हैं।

उद्यमियों ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर सुविधाओं के लिए सड़क और नाली निर्माण के साथ ग्रीन बेल्ट का विकास, हाईमास्ट लाइट और सीसीटीवी कैमरे जैसी सुविधाओं की जरूरत है।

गौतमबुद्ध नगर में एसीईओ स्तर का अधिकारी तैनात करने की मांग

उद्योग संगठनों ने यूपीसीडा से गौतमबुद्ध नगर में एसीईओ स्तर के अधिकारी की तैनाती की मांग की। उद्यमियों का कहना है कि जिले में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां हैं और स्थानीय स्तर पर समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए वरिष्ठ अधिकारी की मौजूदगी जरूरी है।

इसके अलावा उद्यमियों ने सिंगल विंडो सिस्टम को प्रभावी बनाने और निवेश से जुड़े मामलों का तेजी से निस्तारण करने की मांग भी रखी।

CEO ने सड़क और नाली के काम में गुणवत्ता पर दिया जोर

सीईओ डॉ. बलकार सिंह ने निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ प्रबंधक (सिविल) को सड़क और नाली निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।

क्षेत्रीय प्रबंधक को निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित प्रकरणों का तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए गए, ताकि उद्यमियों को सरकारी प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।

समस्याओं के समाधान का मिला भरोसा

उद्योग संगठनों ने औद्योगिक सेक्टरों की विभिन्न समस्याओं से सीईओ को अवगत कराया। इनमें सड़क, नाली, ग्रीन बेल्ट, रोशनी, सुरक्षा और सिंगल विंडो सिस्टम से जुड़ी मांगें प्रमुख रहीं।

सीईओ ने उद्यमियों को उनकी समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। निरीक्षण और बैठक के बाद अब उद्यमियों को उम्मीद है कि औद्योगिक सेक्टरों में लंबे समय से रुके विकास कार्य दोबारा गति पकड़ेंगे।

 

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