यमुना सिटी में बनेगा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, ताइवान सिटी से मेडिकल हब तक… 92वीं बोर्ड बैठक में बड़े फैसले

ग्रेटर नोएडा। यमुना सिटी के विकास को नई रफ्तार देने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की 92वीं बोर्ड बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। यमुना सिटी में 50 एकड़ जमीन पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, 300 एकड़ में ताइवान सिटी और करीब 36 एकड़ में आधुनिक कृषि मंडी विकसित की जाएगी। इसके साथ ही अंतरराज्यीय बस अड्डा और बड़े मेडिकल हब समेत कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी मंजूरी मिली है।

अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार की अध्यक्षता में यमुना प्राधिकरण कार्यालय में हुई बोर्ड बैठक में इन प्रस्तावों पर मुहर लगी। प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि बैठक में यमुना सिटी के साथ-साथ पूरे गौतमबुद्ध नगर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।

50 एकड़ में बनेगा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम

यमुना सिटी में बनने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के लिए सेक्टर-23डी में 50 एकड़ जमीन आरक्षित की गई है। यमुना प्राधिकरण खेल विभाग को यह जमीन निशुल्क उपलब्ध कराएगा।

बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद अब स्टेडियम के डिजाइन और निर्माण एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। स्टेडियम के निर्माण से यमुना सिटी में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों के लिए बड़ा केंद्र विकसित होने की उम्मीद है।

300 एकड़ में बनेगी ताइवान सिटी

यमुना सिटी में जापान और सिंगापुर सिटी की तर्ज पर करीब 300 एकड़ में ताइवान सिटी विकसित करने की योजना को भी मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य ताइवान से जुड़े निवेश, उद्योग और अन्य गतिविधियों के लिए एक समर्पित क्षेत्र विकसित करना है।

36 एकड़ में बनेगी आधुनिक किसान मंडी

यमुना सिटी फेज-1 के सेक्टर-34 में लगभग 36 एकड़ जमीन पर कृषि मंडी विकसित की जाएगी। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस मंडी के बनने से किसानों और व्यापारियों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

500 एकड़ में मेडिकल हब, 480 एकड़ में यूनिवर्सिटी टाउनशिप

बोर्ड बैठक में सेक्टर-13 और 14 में 500 एकड़ भूमि पर मेडिकल हब विकसित करने को भी मंजूरी दी गई। यहां चिकित्सा इकाइयों के साथ मेडिकल कॉलेज और रिसर्च सेंटर के लिए भी जमीन उपलब्ध कराई जा सकेगी।

इसके अलावा सेक्टर-14 में 480 एकड़ भूमि पर यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित की जाएगी। योजना के तहत दुनिया की प्रमुख विश्वविद्यालयों को यहां स्थान देने की तैयारी है।

गौतमबुद्ध नगर में ई-बसों की संख्या 500 होगी

बोर्ड बैठक में जिले में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर करने पर भी जोर दिया गया। गौतमबुद्ध नगर में वर्तमान में चल रही 110 ई-बसों की संख्या बढ़ाकर 500 करने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी के बीच सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

अंतरराज्यीय बस अड्डे को भी मंजूरी

यमुना सिटी में अंतरराज्यीय बस अड्डा विकसित करने की योजना को भी मंजूरी दी गई है। इससे यमुना सिटी में बढ़ती आबादी, औद्योगिक गतिविधियों और भविष्य की परिवहन जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

यीडा की आय बढ़ी, कर्ज घटाने में मिली मदद

बोर्ड बैठक में यमुना प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति से जुड़ी रिपोर्ट भी पेश की गई। रिपोर्ट के अनुसार प्राधिकरण की आय में बढ़ोतरी हुई है, जिससे कर्ज कम करने में भी मदद मिली है। आने वाले समय में इन बड़ी विकास परियोजनाओं के जरिए यमुना सिटी को आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर के शहर के रूप में विकसित करने की तैयारी है।

 

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