ईरान न्यूज़: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। कतर के स्वामित्व वाले LNG टैंकर ‘अल रेकय्यात’ सहित दो वाणिज्यिक जहाजों पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य के निकट हमले हुए हैं, जिसमें ईरान पर आरोप लगाया गया है। एक LNG टैंकर इंजन रूम में लगी आग के कारण विस्फोट के गंभीर खतरे में है, जबकि क्षेत्र में ख़ामेनेई की हत्या के बाद जारी शोक सभाओं में लाखों लोग सड़कों पर उतर आए हैं।
कतर के विदेश मंत्रालय ने ईरान को इस हमले के लिए पूरी कानूनी जिम्मेदारी ठहराते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय नौवहन सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर हमला बताया है। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन है और ईरान को तुरंत ऐसी कार्रवाइयों को रोकना चाहिए।
हमले का विवरण:
रॉयटर्स के अनुसार, कतरी LNG टैंकर ‘अल रेकय्यात’ पर ड्रोन या मिसाइल से हमला किया गया, जिससे उसके इंजन रूम में आग लग गई और धुआं भर गया। जहाज का कप्तान रेडियो पर मेयडे संदेश भेजते हुए बोला, “हम बंदरगाह की तरफ से हमले का शिकार हुए हैं। इंजन रूम में आग और धुआं भरा हुआ है।” क्रु सदस्य सुरक्षित हैं और उन्हें निकाला जा रहा है, लेकिन मेरीटाइम सिक्युरिटी सोर्सेज के मुताबिक आग के कारण विस्फोट का खतरा बना हुआ है। एक सऊदी-ध्वज वाले क्रूड ऑयल टैंकर, संभवतः ‘वेदयान’ को भी ओमान तट के पास नुकसान पहुंचा है। ब्रिटिश नौसेना से जुड़ी यूकेएमटीओ एजेंसी ने भी एक टैंकर पर हमले की पुष्टि की। अमेरिकी अधिकारियों ने प्रारंभिक संकेतों में ईरान को जिम्मेदार बताया, हालांकि तेहरान की ओर से कोई आधिकारिक दावा नहीं किया गया है। ईरानी राज्य मीडिया ने दावा किया कि टैंकर ने चेतावनियां नजरअंदाज कीं।
ख़ामेनेई के शोक में जनसैलाब:
इन हमलों के बीच ईरान में दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की हत्या (फरवरी में इजरायल-अमेरिका हमलों में) के पांचवें दिन शोक सभाएं जारी हैं। क़ोम शहर में लाखों लोग सड़कों पर उतरे, जहां उनके ताबूत को जामकरान मस्जिद ले जाया गया। शोककर्ता झंडे और बैनर लेकर “ट्रंप को मारो” जैसे नारे लगा रहे हैं और ख़ामेनेई की शहादत का बदला लेने की प्रतिज्ञा कर रहे हैं। तेहरान में भी इसी तरह की विशाल शोक यात्रा निकाली गई।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और तनाव:
यह घटनाएं अमेरिका-ईरान के बीच अप्रैल में हुए अंतरिम शांति समझौते के बावजूद हुई हैं, जो 60 दिनों के लिए युद्ध रोकने और बातचीत का रास्ता खोलने के लिए था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि अगर डील न हुई तो “हम काम पूरा करेंगे” ईरान के पुलों और ऊर्जा आपूर्ति को नष्ट करने की धमकी दी। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने कहा कि ट्रंप की धमकियों के बीच कोई बातचीत नहीं होगी। नाटो देश हॉर्मुज में बहुराष्ट्रीय मिशन की योजना बना रहे हैं, लेकिन ईरान ने इसे खारिज कर दिया है। तेल की कीमतें इन घटनाओं के बाद 2% से अधिक बढ़ गई हैं, हालांकि युद्ध से पहले के स्तर के आसपास हैं।
वैश्विक प्रभाव:
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के लगभग 20% तेल और LNG का मार्ग है। इन हमलों से ऊर्जा सुरक्षा और नौवहन पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। कतर, जो अमेरिका-ईरान वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था, अब खुद प्रभावित हुआ है। स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है। कोई भी आगे बढ़ोतरी पूरे क्षेत्र को फिर से युद्ध की आग में झोंक सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पर नजर रखे हुए है।

