New Delhi news दिल्ली पुलिस की मध्य जिला पुलिस ने पहाड़गंज में बिल्डर से 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और फायरिंग करने के चर्चित मामले का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय उगाही गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों की पहचान मुख्य शूटर पवन कुमार उर्फ पवन पहलवान, साजिशकर्ता शक्ति सिंह, विशाल भाटी उर्फ भांजा, स्थानीय बिल्डर एवं होटल कारोबारी पवन कुमार उर्फ पवन चेतली तथा उसका सहयोगी राजेश सचदेवा उर्फ सोनू मोटा के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, 29 जून को आर्य नगर, पहाड़गंज स्थित एक निजी बिल्डर के कार्यालय में पहुंचे बदमाशों ने 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगी और तुरंत पांच लाख रुपये देने का दबाव बनाया। इंकार करने पर मुख्य आरोपी पवन पहलवान ने बिल्डर पर जानलेवा फायरिंग कर दी और फरार हो गया।
पुलिस जांच में सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, होटल रिकॉर्ड, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस ने पहले विशाल भाटी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि पूरी वारदात एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई थी, जिसमें स्थानीय बिल्डर पवन चेतली और उसके सहयोगी राजेश सचदेवा ने गिरोह को ठहरने की व्यवस्था, बैठक के स्थान और पीड़ित परिवार की जानकारी उपलब्ध कराई। पुलिस के अनुसार, पवन चेतली अपने कारोबारी प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बनाने और क्षेत्र में प्रभाव बढ़ाने के उद्देश्य से इस साजिश में शामिल हुआ था। इसके बाद मुख्य साजिशकर्ता शक्ति सिंह को कोलकाता से गिरफ्तार किया गया। वह वारदात के बाद फरार होकर वहां छिपा हुआ था। जांच में पता चला कि उसके खिलाफ दिल्ली में चोरी और सेंधमारी सहित 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने पुलिस टीम पर की फायरिंग
मुख्य आरोपी पवन पहलवान को आईपी एस्टेट स्थित कब्रिस्तान के पास पुलिस ने घेर लिया। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लगी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अत्याधुनिक पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, तीन खोखे तथा एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस हथियारों के स्रोत, वारदात में इस्तेमाल असल हथियार और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में आगे की जांच कर रही है।
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