नोएडा। नोएडा के विभिन्न आवासीय सेक्टरों में संचालित कमर्शियल गतिविधियों को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। दरअसल किसान कोटे के 5% वाले भूखंडों पर पूरी तरह से कमर्शियल एक्टिविटीज हो रही है जी नहीं रोक पाने में प्राधिकरण नाकाम है जिन शब्दों में कमर्शियल ऐक्टिविटी हो रही है वहाँ पर प्राधिकरण अधिकारियों पर भेदभाव के आरोप भी लग रहे हैं। बता दें कि शहर के कई सेक्टरों में आवासीय भूखंडों पर रेस्टोरेंट, कैफे, कार्यालय और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित होने के बावजूद कार्रवाई के नाम पर केवल चुनिंदा स्थानों को निशाना बनाए जाने के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि आवासीय क्षेत्रों में कमर्शियल गतिविधियों की रोकथाम के लिए प्राधिकरण समय-समय पर अभियान चलाता है, नोटिस जारी करता है और कुछ स्थानों पर सीलिंग जैसी कार्रवाई भी करता है। लेकिन इसके बावजूद बड़े पैमाने पर नियमों का उल्लंघन जारी है। आरोप है कि कई प्रभावशाली लोगों और अधिकारियों से जुड़े प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई का प्रभाव दिखाई नहीं देता।
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सेक्टर-104 में सबसे अधिक सवाल
मालूम हो कि सेक्टर-104 में बड़ी संख्या में ऐसे भवन मौजूद हैं, जहां आवासीय भूखंडों का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। क्षेत्र के लोगों का दावा है कि इनमें से कई संपत्तियां पांच प्रतिशत किसान कोटे के अंतर्गत आवंटित भूखंडों पर विकसित की गई हैं और बाद में उन्हें विभिन्न रेस्टोरेंट, कैफे और अन्य कमर्शियल आउटलेट्स को किराए पर दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इनमें से कुछ भूखंड वर्तमान और पूर्व अधिकारियों या प्रभावशाली व्यक्तियों से भी जुड़े रहे हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन क्षेत्र में इसको लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है।
कार्रवाई या केवल औपचारिकता?
निवासियों का आरोप है कि प्राधिकरण द्वारा की जाने वाली कार्रवाई अक्सर औपचारिकता बनकर रह जाती है। नोटिस जारी होने और अभियान चलने के बावजूद अधिकांश व्यावसायिक गतिविधियां पहले की तरह जारी रहती हैं। इससे आम लोगों के बीच यह धारणा बन रही है कि नियमों का पालन कराने में समानता नहीं बरती जा रही है। शहर के कई आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों का कहना है कि यदि आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक गतिविधियां नियमों के विरुद्ध हैं तो कार्रवाई सभी पर समान रूप से होनी चाहिए। किसी भी प्रकार का चयनात्मक रवैया प्राधिकरण की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है।
यातायात और पार्किंग की बढ़ रही समस्या
विशेषज्ञों का मानना है कि आवासीय क्षेत्रों में अनियंत्रित कमर्शियल गतिविधियों के कारण पार्किंग संकट, यातायात जाम, शोर-प्रदूषण और सुरक्षा संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। जिन सेक्टरों को शांत आवासीय क्षेत्र के रूप में विकसित किया गया था, वहां अब दिनभर वाहनों की आवाजाही और भीड़भाड़ आम बात हो गई है।
पारदर्शी नीति की मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि नोएडा प्राधिकरण पूरे शहर में आवासीय क्षेत्रों में संचालित कमर्शियल गतिविधियों का व्यापक सर्वे कराए और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि किन प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई हुई, किन मामलों में नोटिस जारी किए गए और किन्हें वैधानिक अनुमति प्राप्त है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब तक कार्रवाई में पारदर्शिता और निष्पक्षता नहीं दिखाई देगी, तब तक प्राधिकरण के अभियानों पर सवाल उठते रहेंगे। शहरवासियों की अपेक्षा है कि नोएडा प्राधिकरण बिना किसी भेदभाव के नियमों का पालन सुनिश्चित करे, ताकि आवासीय क्षेत्रों की मूल पहचान और नागरिक सुविधाएं सुरक्षित रह सकें।

