Greater noida news today: दिल्ली से सटे हाईटेक शहर ग्रेटर नोएडा की वीआईपी और पॉश मानी जाने वाली पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट सोसाइटी एक बार फिर सुरक्षा में सेंध को लेकर सुर्खियों में है। थाना सूरजपुर क्षेत्र के सेक्टर जीटा-2 स्थित इस सोसाइटी के विला नंबर 126 में रविवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे एक अज्ञात बदमाश घुस आया और चाकू की नोक पर महिला व उसके दो मासूम बच्चों को बंधक बनाकर करीब 15 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात व नकदी लूटकर फरार हो गया।
पीड़िता अपर्णा राय ने पुलिस को बताया कि बदमाश ने उनके साथ मारपीट की, बच्चों को डराने के लिए चाकू दिखाया और गले से चेन तथा हाथों की अंगूठियां भी छीन लीं। घटना के वक्त घर में अपर्णा और उनके दोनों बच्चे मौजूद थे, जबकि नीचे की मंजिल पर सास-ससुर थे। उनके पति नितिन राय काम के सिलसिले में बेंगलुरु में थे। धमकी देकर बदमाश ने पिस्तौल होने की बात भी कही, जिससे परिवार में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही सूरजपुर थाना पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंचे। टीम ने फिंगरप्रिंट सहित अन्य साक्ष्य जुटाए और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने का काम शुरू किया। हालांकि स्थानीय पुलिस इसे लूट के बजाय चोरी की घटना बता रही है, जबकि पुलिस सूत्रों के अनुसार मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है और जल्द खुलासे का दावा किया जा रहा है।
एक ही रात दूसरी वारदात भी
सोसाइटी की एक अन्य निवासी और एडवोकेट कीर्तिका के मुताबिक, उसी रात करीब ढाई बजे विला A-222 में भी चोरी हुई, जहां से लगभग डेढ़ लाख रुपये का सामान गायब हुआ। माना जा रहा है कि यह उसी बदमाश की कारस्तानी हो सकती है जिसने बाद में C-126 को निशाना बनाया।
बार-बार सुरक्षा में सेंध, निवासियों में आक्रोश
निवासियों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। दो महीने पहले भी सोसाइटी के विला C-98 में एक करोड़ रुपये से ज्यादा की चोरी हो चुकी है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ। आरोप है कि बिल्डर ने 1 जुलाई को बिना निवासियों की सहमति के मनमाने ढंग से सुरक्षा एजेंसी बदल दी, जिसके बाद से हालात और बिगड़ गए। निवासी लंबे समय से अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (AoA) के गठन की मांग कर रहे हैं, लेकिन बिल्डर इस पर चुप्पी साधे हुए है। करोड़ों रुपये का मेंटेनेंस शुल्क वसूलने और आधुनिक सुरक्षा तंत्र होने के दावों के बावजूद बदमाश आसानी से सोसाइटी में घुसकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं, जिससे गार्ड, सीसीटीवी और एंट्री सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मेंटेनेंस एजेंसी, प्रबंधन कंपनी और सुरक्षा एजेंसी की भूमिका को लेकर भी निवासियों में भारी नाराजगी है।
पुलिस का रुख
थाना सूरजपुर पुलिस ने मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचा जाएगा। वहीं गौतमबुद्ध नगर पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि उत्तर प्रदेश का “शो विंडो” कहलाने वाला यह हाईटेक शहर लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं से जूझ रहा है।

