ग्रेटर नोएडा में सफाई कर्मियों की हड़ताल: प्राधिकरण ने संभाला मोर्चा, लापरवाही पर ठेकेदार पर 3 लाख का जुर्माना और ब्लैकलिस्ट होगी ये कंपनी

ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा में ठेकेदारों के अधीन काम करने वाले मैन्युअल स्वीपिंग के सफाई कर्मचारी अपनी वेतन वृद्धि की मांग को लेकर गत 1 जुलाई से हड़ताल पर चले गए हैं। इस स्थिति को देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण (GNIDA) ने शहर की सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के सख्त निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ ही प्रोजेक्ट विभाग के सभी आठ वर्क सर्किल के अधिकारियों को मुस्तैद कर दिया गया है। रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने के बावजूद एसीईओ, ओएसडी, प्रधान महाप्रबंधक (PGM), महाप्रबंधक (GM) और वरिष्ठ प्रबंधक स्तर के अधिकारियों ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर सफाई व्यवस्था का सघन निरीक्षण किया।

 

  • हड़ताल का कारण: 1 जुलाई से वेतन वृद्धि की मांग को लेकर मैन्युअल स्वीपिंग के सफाई कर्मी हड़ताल पर हैं।
  • सख्त कार्रवाई: ‘बिमल राज आउटसोर्सिंग प्राइवेट लिमिटेड’ पर लापरवाही के लिए ₹3 लाख का भारी जुर्माना लगाया गया।
  • महा-तैनाती: स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ प्रोजेक्ट विभाग के सभी 8 वर्क सर्किल के वरिष्ठ प्रबंधकों और प्रबंधकों को मैदान में उतारा गया।
  • वर्किंग ऑवर्स बढ़े: सफाई कर्मियों की कमी को पूरा करने के लिए ड्यूटी का समय बढ़ाकर 12 घंटे (सुबह 6 से शाम 6 बजे) किया गया।
  • जनता से अपील: किसी भी जगह कूड़ा दिखने पर तुरंत संबंधित एरिया के सुपरवाइजर को सूचित करने का आग्रह।

अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी (वर्क सर्किल वार तैनाती):

हड़ताल के कारण जनता को परेशानी न हो, इसके लिए प्राधिकरण ने स्वास्थ्य और परियोजना (प्रोजेक्ट) विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीमें तैनात की हैं। इनकी जिम्मेदारी सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करना और गंदगी मिलने पर तुरंत सफाई सुनिश्चित कराना है:

1. स्वास्थ्य विभाग की टीमें:

  • वर्क सर्किल 1, 2 और 3: वरिष्ठ प्रबंधक चेतराम सिंह और प्रबंधक रोहित गुप्ता।
  • वर्क सर्किल 4 और 5: वरिष्ठ प्रबंधक राजेश गौतम और प्रबंधक संध्या सिंह।
  • वर्क सर्किल 6 और 7: वरिष्ठ प्रबंधक सन्नी यादव और प्रबंधक विवेक किशोर।
  • वर्क सर्किल 8: वरिष्ठ प्रबंधक राजेश गौतम और प्रबंधक दिव्या चौधरी।

2. परियोजना (प्रोजेक्ट) विभाग की टीमें:

  • वर्क सर्किल 1: वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर और प्रबंधक प्रशांत समाधिया।
  • वर्क सर्किल 2: वरिष्ठ प्रबंधक प्रदीप कुमार और प्रबंधक हरिओम कुमार।
  • वर्क सर्किल 3: वरिष्ठ प्रबंधक मनोज कुमार सचान और प्रबंधक लव शंकर भारती।
  • वर्क सर्किल 4: वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार निम और प्रबंधक स्वतंत्र वर्मा।
  • वर्क सर्किल 5: वरिष्ठ प्रबंधक राजीव कुमार और प्रबंधक विजेंद्र कुशवाहा।
  • वर्क सर्किल 6: वरिष्ठ प्रबंधक श्यामा प्रसाद और प्रबंधक नीतीश कुमार।
  • वर्क सर्किल 7: वरिष्ठ प्रबंधक नरोत्तम सिंह और प्रबंधक अभिषेक पाल।
  • वर्क सर्किल 8: वरिष्ठ प्रबंधक नागेंद्र सिंह और प्रबंधक मिथिलेश कुमार।

रविवार को एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस, एसीईओ सुमित यादव, पीजीएम संदीप चंद्रा, जीएम (स्वास्थ्य) आरके भारती, वरिष्ठ प्रबंधक चेतराम सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक राजेश गौतम और सहायक प्रबंधक गौरव बघेल समेत कई अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया और जहां भी आवश्यकता पड़ी, वहां तत्काल सफाई कर्मियों को बुलाकर काम कराया।

लापरवाही पर ₹3 लाख का जुर्माना, ब्लैकलिस्ट की चेतावनी

प्राधिकरण ने सफाई व्यवस्था में ढिलाई बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अपनाया है। ‘बिमल राज आउटसोर्सिंग प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कांट्रैक्टर पर कुल 3 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

  • इसमें से जोन-5 के अंतर्गत सफाई व्यवस्था में लापरवाही मिलने पर जीएम (स्वास्थ्य) आरके भारती ने 2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया।
  • वहीं, ईकोटेक-3, सेक्टर 2 व 3 में गंदगी पाए जाने पर वरिष्ठ प्रबंधक चेतराम सिंह ने ठेकेदार पर 1 लाख रुपए का जुर्माना ठोका।

प्राधिकरण ने सभी ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करें। यदि इसके बाद भी कहीं गंदगी मिलती है, तो संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी और उस एरिया के संबंधित प्रभारी की जवाबदेही (जिम्मेदारी) तय होगी।

मैकेनिकल स्वीपिंग तेज, ड्यूटी का समय हुआ 12 घंटे

सफाई कर्मियों की कमी से निपटने के लिए प्राधिकरण ने अपनी रणनीति बदल दी है। अब सफाई व्यवस्था का समय बढ़ाकर सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक यानी लगभग 12 घंटे कर दिया गया है। इसके अलावा:

  • डोर-टू-डोर (घर-घर से) कूड़ा उठाने का काम सुचारू रूप से जारी रखा गया है।
  • मैकेनिकल स्वीपिंग (मशीनों से सफाई) और कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों के फेरे व संख्या बढ़ा दी गई है।
  • किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए उद्यान विभाग की टीम और क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) को भी अलर्ट पर रखा गया है।

प्रतिदिन शाम को होगी समीक्षा बैठक

शहर की स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस और एसीईओ सुमित यादव की अगुवाई में रोजाना शाम को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें दिनभर की ग्राउंड रिपोर्ट और कार्यों का मूल्यांकन किया जाता है।

प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने ग्रेटर नोएडा के निवासियों से इस संकट की घड़ी में सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि नागरिक अपने आसपास सफाई बनाए रखने में मदद करें और यदि उन्हें कहीं भी कूड़ा दिखाई देता है, तो वे तुरंत उस एरिया के सुपरवाइजर को इसकी सूचना दें। उन्होंने आश्वस्त किया कि ग्रेटर नोएडा की जनता को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी और प्राधिकरण हर संभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

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